राजस्थान में बस-टैक्सी हड़ताल से हाहाकार, 35 हजार बसों का चक्का जाम,जयपुर में सवारियों को खींचकर उतारा
राजस्थान में प्राइवेट बस और टैक्सी ऑपरेटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने मंगलवार को भी हालात बिगाड़े रखे। सोमवार रात 12 बजे से शुरू हुई हड़ताल के दूसरे दिन भी सरकार और बस ऑपरेटर्स के बीच वार्ता बेनतीजा रही।

राजस्थान में प्राइवेट बस और टैक्सी ऑपरेटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने मंगलवार को भी हालात बिगाड़े रखे। सोमवार रात 12 बजे से शुरू हुई हड़ताल के दूसरे दिन भी सरकार और बस ऑपरेटर्स के बीच वार्ता बेनतीजा रही। ऑपरेटर्स का आरोप है कि आरटीओ की ओर से भारी-भरकम जुर्माने और आरसी सस्पेंड किए जाने की कार्रवाई से परिवहन व्यवसाय ठप हो रहा है।
राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि प्रशासन ने बातचीत के लिए बुलाया जरूर, लेकिन सस्पेंड आरसी के डेटा में मिसमैच का हवाला देकर मांगें मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया गया।
जयपुर में हालात बेकाबू, बसों से सवारियां उतारी गईं
राजधानी जयपुर में हड़ताल का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। जो बसें पहले से यात्रियों को लेकर रवाना हो चुकी थीं, उन्हें रास्ते में रुकवाकर खाली कराया गया। कई जगह यात्रियों को बसों से जबरन उतारने की स्थिति बनी। इस दौरान बस ऑपरेटर्स और आरटीओ इंस्पेक्टर के बीच तीखी बहस भी हुई।
यात्रियों की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। सिंधी कैंप बस स्टैंड सहित प्रमुख स्टैंडों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।
खाटूश्याम मेले के यात्री फंसे
सीकर जिले के प्रसिद्ध तीर्थ खाटूश्याम मंदिर में चल रहे मेले के कारण दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु राजस्थान पहुंचे थे। जयपुर, सीकर और झुंझुनूं में ऐसे यात्री फंसे हुए हैं, जिन्हें आगे गंतव्य तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशनों पर भी अचानक यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। कई लोग बस न मिलने पर ट्रेन से यात्रा की कोशिश में टिकट काउंटरों पर लाइन में लगे नजर आए।
उदयपुर में बीमार मां के लिए परेशान बेटा
उदयपुर में एक युवक अहमदाबाद जाने के लिए घंटों बस स्टैंड पर भटकता रहा। उसकी मां अस्पताल में भर्ती है और वह समय पर पहुंचने की जद्दोजहद में है। ऐसी कई मानवीय कहानियां सामने आ रही हैं, जहां हड़ताल ने लोगों की निजी आपात स्थितियों को और कठिन बना दिया है।
सूरत में भी असर, 300 बसें बंद
राजस्थान में आरटीओ कार्रवाई के विरोध की गूंज गुजरात तक पहुंची है। सूरत के लग्जरी बस संचालकों ने भी समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। सूरत से राजस्थान आने-जाने वाली 300 से ज्यादा बसों के पहिए थम गए हैं, जिससे अंतरराज्यीय यातायात भी प्रभावित हुआ है।
35 हजार बसें ठप, 15 लाख यात्री प्रभावित
प्राइवेट बस संचालकों का दावा है कि राजस्थान से आने-जाने वाली करीब 35 हजार बसें रोजाना 15 लाख से ज्यादा यात्रियों को सेवा देती हैं। हड़ताल के चलते इन सभी यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ऑपरेटर्स का कहना है कि टैक्सी यूनियनों ने भी समर्थन दिया है, हालांकि टैक्सी संगठनों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चक्काजाम की चेतावनी, जोधपुर में असर कम
ऑल राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो राज्यभर में चक्का जाम किया जाएगा। वहीं, जोधपुर में मंगलवार सुबह प्राइवेट बसों का संचालन सामान्य बताया गया, जहां हड़ताल का असर सीमित रहा।
पीएम रैली में बसें नहीं देने का ऐलान
एसोसिएशन ने 28 फरवरी को अजमेर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री की रैली में भी बसें उपलब्ध नहीं कराने की घोषणा की है। इससे राजनीतिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासन की चुनौती: व्यवस्था बहाल करना
हड़ताल से उत्पन्न हालात ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर लाखों यात्रियों की परेशानी है, तो दूसरी ओर ऑपरेटर्स की मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
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