विश्व धरोहर दिवस : दिल्ली में पर्यटकों की पहली पसंद बनी कुतुब मीनार, 73 मीटर ऊंची इमारत का क्या इतिहास?
दिल्ली के पर्यटन स्थल में भले ही पहला जिक्र लाल किले का आता हो, लेकिन सबसे अधिक पर्यटक कुतुब मीनार का दीदार करने पहुंच रहे हैं। बीते वर्ष के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं।

राजधानी दिल्ली में विश्व धरोहर से लेकर कई ऐतिहासिक स्मारक हैं। यहां मौजूद सदियों के इतिहास से रूबरू होने के लिए हर साल बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी पर्यटक आते हैं। ये स्मारक न केवल देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित कर रहे हैं, बल्कि आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। दिल्ली के पर्यटन स्थल में भले ही पहला जिक्र लाल किले का आता हो, लेकिन सबसे अधिक पर्यटक कुतुब मीनार का दीदार करने पहुंच रहे हैं। बीते वर्ष के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं।
क्या कहते हैं ASI के आंकड़े
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू पर्यटकों के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल में कुतुब मीनार तीसरे स्थान पर है। यहां बीते साल 32.04 लाख पर्यटक घूमने आए। वहीं, चौथे स्थान पर लाल किला है। यहां 28.84 लाख घरेलू पर्यटक पहुंचे। घरेलू के साथ विदेशी सैलानी भी सल्तनत कालीन इस स्मारक का दीदार करने पहुंच रहे हैं। वहीं, देशी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद ताजमहल बना हुआ है। यहां बीते साल 62 लाख घरेलू और छह लाख विदेशी सैलानी आए। भारत में दूसरा पसंदीदा पर्यटन स्थल ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर है। यहां बीते साल 40 लाख पर्यटक आए थे।

स्मारकों में आज निशुल्क प्रवेश
एएसआई के स्मारकों में विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर पर्यटकों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा। एएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
इंडो-इस्लामी वास्तुकला की बेहतरीन मिसाल
विशेषज्ञ बताते हैं कि कुतुब मीनार इसलिए भी खास है क्योंकि यह बारीक नक्काशी इंडो-इस्लामिक वास्तुकला की मिसाल है। लगभग 73 मीटर ऊंची कुतुब मीनार लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से बनी है। यह मीनार अपनी ऐतिहासिक अहमियत, शानदार वास्तुकला के कारण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इसे 13वीं सदी की शुरुआत में कुतुब-उद्दीन ऐबक ने बनवाना शुरू किया था। इसके बाद उनके उत्तराधिकारी इल्तुतमिश ने इसे पूरा किया। लाल किला मुगल सम्राटों का मुख्य निवास स्थान था। 1638 में शाहजहां ने अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली स्थानांतरित की और दिल्ली के सातवें शहर शाहजहांबाद की नींव रखी।




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