दिल्लीवालों को गलत पानी बिलों से मिलेगी मुक्ति! DJB बदलने जा रहा मीटर सिस्टम; क्या है प्लान
दिल्ली में लगभग 29.90 लाख पानी के कनेक्शन हैं। अधिकारियों का मानना है कि राजस्व बढ़ाने और ग्राहकों की शिकायतों को कम करने के लिए सटीक मीटरिंग बहुत जरूरी है। अक्सर शिकायतें आती हैं कि मीटर खराब होने या रीडिंग लेने में लापरवाही के कारण बिल गलत आते हैं।

दिल्ली में पानी के गलत बिलों और मीटर की गलत रीडिंग से परेशान उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने राजधानी की वाटर बिलिंग व्यवस्था को पूरी तरह सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत अब आधुनिक तकनीक वाले वाटर मीटर लगाए जाएंगे।
मीटर निर्माताओं का नया पैनल बनेगा
अधिकारियों ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए डीजेबी ने वाटर मीटर बनाने वाली कंपनियों का नया पैनल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पिछली बार ऐसा 2018 में किया गया था। अब 8 साल बाद फिर से नई और अपग्रेड तकनीक को शामिल करने के लिए निर्माताओं से आवेदन मांगे गए हैं।
सटीक बिलिंग पर जोर
डीजेबी के एक अधिकारी ने कहा, “पूरी दिल्ली में लगभग 29.90 लाख मीटर वाले पानी के कनेक्शन हैं। पानी के मीटर डीजेबी के राजस्व जुटाने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए मीटरिंग के सभी पहलुओं का रिव्यू करना और मीटरिंग में नई टेक्नोलॉजी में हुई तरक्की को देखते हुए इसे बदलना बहुत जरूरी है।”
अधिकारियों के अनुसार, खराब मीटरों या रीडिंग में लापरवाही के कारण गलत बिलिंग को लेकर ग्राहकों से कई शिकायतें मिली हैं। अभी, डीजेबी उन उपभोक्ताओं के लिए पानी के मीटर लगाने को जिन्हें 15 एमएम डायमीटर वाले मीटर की आवश्यकता है, 9 निर्माताओं के 10 वाटर मीटर मॉडल पैनल में शामिल किए गए हैं।
अधिकारियों ने आगे कहा, “इनका इस्तेमाल अधिकतर घरेलू कनेक्शनों में होता है। कोई भी व्यक्ति जो अपना पानी मीटर बदलवा रहा हो या नया कनेक्शन ले रहा हो, वह पानी मीटर की सिक्योरिटी राशि डीजेबी के पास जमा करता है, जो इन मीटरों को लगाता है।”
कनेक्शनों का डिजिटल डेटाबेस बनेगा
यह मानते हुए कि पानी के गलत बिल घरों के लिए परेशानी का एक बड़ा कारण बन गए हैं। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने हाल ही में सभी कनेक्शनों का डिजिटल डेटाबेस बनाने की घोषणा की थी, ताकि बिलिंग में पारदर्शिता आए।
डीजेबी के एक अधिकारी ने कहा, "मीटर बनाने वाली कंपनी को डीजेबी द्वारा सुझाए गए सभी बदलावों और सुझावों को लागू करना होगा। पानी के मीटर बनाने वाली कंपनी को अपने द्वारा पेश किए गए मीटर मॉडल की पूरी जानकारी और हर मॉडल का एक सैंपल जमा करना होगा, ताकि उन्हें आगे की जांच के लिए शॉर्टलिस्ट किया जा सके।"
स्मार्ट मीटरिंग की ओर कदम
इससे पहले 2022 में भी 'स्मार्ट वाटर मीटर' लाने की कोशिश की गई थी, जिसके जरिए ऐप से शिकायत और नए कनेक्शन की सुविधा मिलनी थी, लेकिन वह पूरे शहर में लागू नहीं हो सका। अब नए सिरे से कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा और उनके मीटर मॉडल्स की जांच की जाएगी।




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