वॉट्सएप ग्रुप, QR कोड के जरिए रची गई हिंसा की साजिश; नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का बड़ा खुलासा
नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार को बताया कि नोएडा में सोमवार को हुए श्रमिकों का प्रदर्शन एक सोची-समझी साजिश थी। इसके लिए कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए बल्कि क्यूआर कोड स्कैनर से मजदूरों को इसमें जोड़ा गया था।

नोएडा में श्रमिकों का प्रदर्शन कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ की गई एक सोची-समझी साजिश थी। नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार को बताया कि इसके लिए न केवल कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए बल्कि क्यूआर कोड स्कैनर से मजदूरों को इसमें जोड़ा गया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि सोमवार को विभिन्न स्थानों से सामने आई हिंसक प्रदर्शन की घटनाओं के सिलसिले में अब तक 7 एफआईआर दर्ज कर 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा, “पिछले दो दिन में कई वॉट्सऐप समूह बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करके श्रमिकों को जोड़ा जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि इन गतिविधियों के पीछे एक संगठित और सुनियोजित नेटवर्क सक्रिय है।”
और गिरफ्तारी हो सकती हैं
उन्होंने कहा कि अशांति फैलाने में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि भीड़ में शामिल ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। भविष्य में भी गिरफ्तारियां की जाएंगी। उनके फंडिंग की भी जांच की जाएगी। यदि यह पाया जाता है कि उन्हें राज्य या देश के बाहर से आर्थिक सहायता मिली है, तो इस संबंध में भी उचित कार्रवाई की जाएगी।"
फ्लैग मार्च निकाले जा रहे
लक्ष्मी सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही लगातार फ्लैग मार्च निकाले जा रहे हैं। सुबह 5:00 बजे से लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं। आज सुबह श्रमिक तीन स्थानों पर इकट्ठा हुए, तत्काल संवाद के बाद उन्हें मात्र 15 मिनट के भीतर शांतिपूर्वक तरीके से हटा दिया गया।''
स्थिति को सुलझाने के प्रयासों के संदर्भ में पुलिस कमिश्नर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई हाई पावर कमेटी हितधारकों (श्रमिकों और उद्यमियों) के साथ चर्चा कर रही है।उन्होंने बताया कि सोमवार से नोएडा में मौजूद हाई पावर कमेटी ने सभी हितधारकों के साथ विस्तृत और लंबी बैठकें की हैं तथा कुछ सिफारिशें की हैं। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की शिकायतों को समझती है, उनकी स्थिति के प्रति सहानुभूति रखती है और उनके सभी मुद्दों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
नोएडा में दो स्थानों पर बल प्रयोग किया गया : पुलिस कमिश्नर
पुलिस कमिश्नर ने पत्रकारों से कहा कि नोएडा में सोमवार को श्रमिकों के आंदोलन में मात्र दो स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन होने के कारण बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा, "नोएडा में सोमवार को 83 स्थानों पर लगभग 42 हजार श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। इसमें मात्र दो स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन होने के कारण बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि बाकी स्थानों पर संयम का परिचय देते हुए बातचीत की गई और बातचीत के बाद कुछ श्रमिक वापस चले गए। लक्ष्मी सिंह ने कहा कि श्रमिकों के जाने के बाद सीमावर्ती जिलों से कुछ लोग समूह में आए और माहौल को उत्तेजित व हिंसक बनाने की कोशिश की। इस समूह में से कुछ लोग हमारी गिरफ्त में आए हैं और कुछ लोगों की सीसीटीवी के जरिए पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।




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