नोएडा हिंसा : बाहरी तत्वों व राजनीतिक समर्थकों ने भड़काई श्रमिकों में आग, पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
Noida News : नोएडा में हुए श्रमिकों के हिंसक विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, इस आंदोलन को उग्र बनाने में बाहरी तत्वों और राजनीतिक समर्थकों की बड़ी भूमिका रही है, जिन्होंने भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए श्रमिकों को भड़काने का काम किया।

नोएडा पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन को उग्र बनाने में कुछ बाहरी लोगों की भूमिका रही। उन्होंने कर्मचारियों को भड़काने का काम किया। इसके अलावा राजनीतिक दलों से जुड़े समर्थकों ने सोशल मीडिया के जरिये मामले को तूल दिया और कई भ्रामक सूचनाएं फैलाई गईं, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
पुलिस के अनुसार अब तक 25 ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया है, जो या तो मौके पर अराजकता फैलाते नजर आए या फिर सोशल मीडिया के जरिये माहौल खराब करने की कोशिश करते पाए गए। इन सभी की पहचान वीडियो फुटेज, सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिये की गई। पुलिस के पास कई ऐसी फुटेज भी हैं, जिनमें प्रदर्शन के दौरान नाबालिगों के हाथों में पत्थर दिख रहे हैं।
प्रशासन ने घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक या भड़काऊ सामग्री शेयर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मजदूरों का कहना है कि लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सरकार ने हाईपावर बनाई
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नोएडा में चल रहे श्रमिकों के प्रदर्शन को शांत कर समाधान निकालने के लिए एक हाईपावर कमेटी गठित कर नोएडा भेजी गई है। औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने और श्रमिकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने का काम करेगी।
तोड़फोड़ से 600 करोड़ के नुकसान की आशंका
नोएडा में प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ से भारी नुकसान हुआ है। शुरुआती आकलन के मुताबिक इस हिंसा में करीब 600 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। एक दिन में करीब 3000 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ा है।
150 से ज्यादा कंपनियों को निशाना बनाया
सेक्टर-57, 58, 59, 60, 63, 64, 65, 66 और 67 में भी छोटे-छोटे समूहों में बंटे श्रमिकों ने 150 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों को निशाना बनाया। फिलहाल पूरे औद्योगिक क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। सुबह तक जहां 80 प्रतिशत इंडस्ट्री सामान्य रूप से चल रही थी, वहीं दोपहर बाद अधिकांश औद्योगिक इकाइयां बंद हो गईं। हैरानी की बात यह है कि पूरे घटनाक्रम में अब तक कोई स्पष्ट नेता या चेहरा सामने नहीं आया। शुरुआती जांच में लोकल इंटेलिजेंस की बड़ी चूक भी सामने आ रही है। कारोबारियों का कहना है कि रविवार को डीएम, सीईओ और पुलिस कमिश्नर की बैठक में मांगों को मान लिया गया। सुबह कंपनियों के बाहर नोटिस चस्पा किए जाने थे। इसके बाद अचानक क्या हुआ कि आंदोलन भड़क गया। ुलिस ने खुद आंदोलनरत कर्मचारियों में से चार से पांच लोगों को बुलाने का प्रयास किया था।




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