पुलिसवालों पर फिर हमला करना है, मिर्च पाउडर लेकर आओ; नोएडा में कौन लगा रहा आग?
गौतमबुद्ध नगर के अधिकतर इलाकों में श्रमिक लगातार दूसरे दिन सड़कों पर हैं। कुछ जगहों पर हिंसक घटनाएं भी हुई हैं। अब कुछ ऐसे ऑडियो और वॉट्सऐप चैट भी सामने आए हैं जिनके जरिए लोगों को हिंसा के लिए भड़काया जा रहा है।

पिछले कुछ सालों में कई बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और दुनियाभर के निवेशकों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे नोएडा को आखिर किसी नजर लग गई है? कौन है जो महंगाई और कम वेतन की वजह से झुंझलाए श्रमिकों के गुस्से का फायदा उठाकर हिंसा की आग भड़का रहा है? शुरुआत में जिसे महज एक-दो फैक्ट्रियों के श्रमिकों के प्रदर्शन के रूप में देखा गया अब उसके पीछे पुलिस को बड़ी प्लानिंग दिख रही है। यही वजह है कि राज्य सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन में बड़ी वृद्धि किए जाने के बावजूद गौतमबुद्ध नगर के अधिकतर इलाकों में श्रमिक लगातार दूसरे दिन सड़कों पर हैं। कुछ जगहों पर हिंसक घटनाएं भी हुई हैं। अब कुछ ऐसे ऑडियो और वॉट्सऐप चैट भी सामने आए हैं जिनके जरिए लोगों को हिंसा के लिए भड़काया जा रहा है।
लाइव हिन्दुस्तान को मिले ऐसे ही एक ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग में कहा जा रहा है, 'कल भाई पुलिस वालों पर हमला करना है, लाठीचार्ज दोबारा से पुलिसवालों पर होनी चाहिए। हमारे बहुत भाई-बहन घायल हुए हैं। तो सुबह जल्दी आने की कृपा करें।'पुलिस ने सोमवार को हुए प्रदर्शन के बाद करीब 300 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके मोबाइल और कॉल डिटेल्स के जरिए साजिशकर्ताओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। यूपी के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने हिंसा के पीछे पाकिस्तानी कनेक्शन की बात भी कही है। पुलिस यह पता लगान की कोशिश कर रही है क्या हिंसा के पीछे कोई 'टूलकिट' काम कर रहा है?
लाल मिर्च पाउडर लाने और पुलिस पर हमले की अपील
लाइव हिन्दुस्तान को पुलिस सूत्रों से कुछ वॉट्सऐप चैट मिले हैं, जिनमें लोगों को घरों से लाल मिर्च पाउडर लाने और पुलिस पर हमले के लिए उकसाया जा रहा है। इसमें लिखा गया है, 'भाई लाठी से कुछ नहीं, मिर्च पाउडर ले चलो बस बात खत्म। सब भाइयों बहनों से अपील है कि मिर्च पाउडर ले चलें ज्यादा से ज्यादा संख्या में।' इसमें एक अन्य ने लिखा है, 'जब तक हमारी सुनवाई नहीं होती है तब तक हड़ताल चलेगी भाइयों बहनों।'
दो दिन में बनाए गए वॉट्सऐप ग्रुप, क्यूआर कोड से जोड़े गए लोग: लक्ष्मी सिंह
गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार को कहा कि नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के सिलसिले में 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है और सात एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस आयुक्त ने कहा, 'पिछले दो दिन में कई व्हॉट्सऐप समूह बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करके श्रमिकों को जोड़ा जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि इन गतिविधियों के पीछे एक संगठित और सुनियोजित नेटवर्क सक्रिय है।'
फंडिंग की भी हो रही जांच
लक्ष्मी सिंह ने कहा कि अशांति फैलाने में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा, 'भीड़ में शामिल ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है; भविष्य में भी गिरफ्तारियां की जाएंगी। उनके वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जाएगी। यदि यह पाया जाता है कि उन्हें राज्य या देश के बाहर से आर्थिक सहायता मिली है, तो इस संबंध में भी उचित कार्रवाई की जाएगी।' सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'सुबह 5:00 बजे से लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं। आज सुबह श्रमिक तीन स्थानों पर इकट्ठा हुए; तत्काल संवाद के बाद उन्हें मात्र 15 मिनट के भीतर शांतिपूर्वक तरीके से हटा दिया गया।'
रिपोर्ट- निशांत कौशिक




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