फरीदाबाद में मदरसन के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, फिर क्या हुआ?
मदरसन कंपनी के कर्मचारी सोमवार से ही कंपनी के गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार सुबह भी बड़ी संख्या में कर्मचारी कंपनी के सामने इकट्ठा हो गए और गेट के बाहर खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने कई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।

फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित मदरसन कंपनी के बाहर कर्मचारियों का विरोध-प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बढ़े हुए न्यूनतम वेतनमान को लागू करने की मांग को लेकर जुटे कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया। इस दौरान मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही, जिसे देखते हुए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी। कर्मचारियों के प्रदर्शन से अफरा-मची रही।
कर्मचारियों ने क्या मांग रखी
मदरसन कंपनी के कर्मचारी सोमवार से ही कंपनी के गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार सुबह भी बड़ी संख्या में कर्मचारी कंपनी के सामने इकट्ठा हो गए और गेट के बाहर खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों की मुख्य मांग सरकार द्वारा घोषित 15,200 रुपये के न्यूनतम वेतनमान को लागू कराने की है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन इस बारे में कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दे रहा है।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने…
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया। उपश्रमायुक्त अजयपाल डूडी भी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रदर्शन जारी रखा। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने भी एहतियातन सख्ती बरतनी शुरू कर दी।

वाटर कैनन भी थे तैयार
सेंट्रल पुलिस जोन के विभिन्न थानों से पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए वाटर कैनन वाहन भी तैनात किया गया था। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास करती रही, लेकिन जब कर्मचारी नहीं माने तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके से हटाना शुरू कर दिया।
6-7 कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया
इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे करीब छह से सात कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। बाद में इन्हें सेक्टर-37 कट के पास ले जाकर छोड़ दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारियों में भगदड़ जैसी स्थिति देखने को मिली। इसके बाद धीरे-धीरे कंपनी के बाहर से भीड़ छंट गई।

कर्मचारियों को लागू करना चाहिए तय वेतन
प्रदर्शन में शामिल एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें सुबह चार बजे उठना पड़ता है और पांच बजे कंपनी की बस आ जाती है। इसके बाद उनसे लंबे समय तक काम कराया जाता है, जिसमें ओवरटाइम भी शामिल है। कर्मचारी का कहना है कि वर्तमान में उन्हें करीब 12 हजार रुपये वेतन मिलता है, जिसमें से ईएसआई और पीएफ कटने के बाद करीब 9,600 रुपये ही हाथ में आते हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन 15,200 रुपये तय किया गया है, जिसे कंपनी को लागू करना चाहिए।
पुलिसबल मौके पर तैनात
वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण के लिए पुलिस माैके पर तैनात है। सराय ख्वाजा थाना एसएचओ राकेश मलिक ने बताया कि इस मामले में किसी के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। उपश्रमायुक्त भी कर्मचारियों और कंपनी प्रबंधन से बात कर रहे हैं। ताकि, शांतिपूर्ण तरीके से समस्या का हल हो जाए।




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