मयूर विहार से एम्स तक सिग्नल फ्री सफर जल्द, बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में
दिल्ली के बहुप्रतीक्षित बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर का कार्य 30 जून तक पूरा हो जाएगा। इसके कुछ दिनों बाद यह फ्लाईओवर जनता के लिए खोला जाएगा। इसके खुलने से मयूर विहार से एम्स तक सिग्नल मुक्त सफर पूरा हो सकेगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कार्य का निरीक्षण करने के बाद यह जानकारी दी।

दिल्ली के बहुप्रतीक्षित बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर का कार्य 30 जून तक पूरा हो जाएगा। इसके कुछ दिनों बाद यह फ्लाईओवर जनता के लिए खोला जाएगा। इसके खुलने से मयूर विहार से एम्स तक सिग्नल मुक्त सफर पूरा हो सकेगा। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने मंगलवार को अंतिम चरण के कार्य का निरीक्षण करने के बाद यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पहली बार भारत में किसी फ्लाईओवर कॉरिडोर को समर्पित साइकिल ट्रैक के साथ डिजाइन किया गया है। मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों और इंजीनियरों के साथ बारापुला फेज-3 में बन रहे फ्लाईओवर का निरीक्षण करने के दौरान कहा कि इस फ्लाईओवर का शेष निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह 30 जून तक उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा। पूर्वी और मध्य दिल्ली के महत्वपूर्ण हिस्सों को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर सराय काले खां, मयूर विहार, एनएच-24, डीएनडी फ्लाईवे और रिंग रोड के बीच ट्रैफिक आवागमन को काफी सुगम बनाएगा।
एक दशक तक फेज-3 परियोजना रुकी रही
प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि करीब एक दशक तक तकनीकी, पर्यावरणीय और प्रक्रियागत कारणों से बारापुला फेज-3 परियोजना रुकी रही। लेकिन अब यह अंतिम चरण में पहुंच चुका है। कुछ स्थानों पर दीवार बनाने एवं फिनिशिंग का काम चल रहा है जिसे 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
विशेष ब्रिज स्ट्रक्चर लगाया गया
मंत्री वर्मा ने कहा कि परियोजना की एक और बड़ी इंजीनियरिंग विशेषता यमुना के फ्लडप्लेन क्षेत्र पर तैयार किया गया विशेष ब्रिज स्ट्रक्चर है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह को पूरी तरह सुरक्षित रखने के उद्देश्य से इस पुल में लगभग 125 मीटर लंबे पिलर स्पैन बनाए गए हैं, जिससे सक्रिय नदी क्षेत्र में न्यूनतम हस्तक्षेप हो और पर्यावरणीय प्रभाव भी कम से कम रहे।
यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में
दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि हमारा फोकस उन परियोजनाओं को पूरा करना है जो लंबे समय से अटकी हुई हैं। यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। हमने हर मंजूरी, हर समन्वय प्रक्रिया और हर तकनीकी चुनौती की व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी की है ताकि काम में अब कोई और देरी न हो।
पांच प्रमुख सड़क कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा
राजधानी के पांच प्रमुख सड़क कॉरिडोर को सजाने-संवारने के साथ रात में भी लोगों के मनोरंजन और खरीदारी के अनुकूल बनाने की दिशा में काम होने जा रहा है। यातायात के लिहाज से बेहद व्यस्त इन कॉरिडोरों में तमाम जन सुविधाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है। ऐसी संभावना है कि इनका पुनर्विकास काम जल्द शुरू होगा।
इन कॉरिडोरों को धूल-मुक्त, हरा-भरा, पैदल यात्रियों के अनुकूल क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इन पांचों सड़कों पर यह सुविधाएं विकसित करने के लिहाज से स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) के साथ उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने परियोजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में अब तक हुए समन्वय की प्रगति पर चर्चा हुई।
इनके हाल बदलेंगे
1. मिंटो रोड-आईटीओ-कड़कड़डूमा
2. मिंटो रोड-अरुणा आसफ अली मार्ग-जवाहरलाल नेहरू मार्ग-दिल्ली गेट
3. नेताजी सुभाष मार्ग-शांति वन-महात्मा गांधी मार्ग-आईटीओ-आईटी एस्टेट मेट्रो स्टेशन
4. धौला कुआं-जेल रोड करिअप्पा मार्ग-तिलक नगर क्रॉसिंग
5. नजफगढ़ रोड पर उत्तम नगर-तिलक नगर-राजौरी गार्डन मार्ग




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