Woman cannot promise to marry before divorce, rape accused granted regular bail तलाक से पहले शादी का वादा नहीं कर सकती महिला, दुष्कर्म आरोपी को मिली नियमित जमानत, Ncr Hindi News - Hindustan
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तलाक से पहले शादी का वादा नहीं कर सकती महिला, दुष्कर्म आरोपी को मिली नियमित जमानत

मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कपिल कुमार की अदालत ने कहा- यदि महिला पहले से ही विवाहित थी, तो वह कानूनी रूप से किसी अन्य से शादी का वादा स्वीकार करने की पात्र नहीं थी।

Tue, 27 Jan 2026 10:13 PMRatan Gupta हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली, निखिल पाठक
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तलाक से पहले शादी का वादा नहीं कर सकती महिला, दुष्कर्म आरोपी को मिली नियमित जमानत

रोहिणी जिला अदालत ने शादी का झांसा देकर एक महिला के साथ दुष्कर्म और उसे आर्थिक रूप से ठगने के मामले में आरोपी नविल चावला को नियमित जमानत दे दी है। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कपिल कुमार की अदालत ने कहा- “यदि महिला पहले से ही विवाहित थी, तो वह कानूनी रूप से किसी अन्य से शादी का वादा स्वीकार करने की पात्र नहीं थी।”

पीड़िता- शादी का वादा करके किया दुष्कर्म

मामले में नौ जनवरी को भारत नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि आरोपी ने इंस्टाग्राम के जरिए महिला से संपर्क किया और शादी का वादा कर उसके साथ बैंकॉक, दुबई और अजरबैजान में दुष्कर्म किया। साथ ही, आरोपी पर महिला से लाखों रुपये खर्च कराने का भी आरोप लगाया गया। अदालत ने पाया कि जब आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच शारीरिक संबंध बने और उन्होंने विदेश यात्राएं कीं, उस समय महिला का अपने पूर्व पति से तलाक नहीं हुआ था।

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आरोपी- सहमति से बना था संबंध

वहीं, आरोपी की पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रदीप राणा ने दलील दी कि महिला ने खुद को अविवाहित बताकर उनके मुवक्किल को प्रेम जाल में फंसाया था। वह वास्तव में एक तलाकशुदा महिला थी, जिसका एक बच्चा भी है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यह एक आपसी सहमति से बना रिश्ता था, जो बाद में कड़वाहट में बदल गया।

कोर्ट ने कहा- तलाक से पहले हुईं विदेश यात्राएं

अदालत ने मामले के तथ्यों पर गौर करते हुए पाया कि महिला का तलाक अक्तूबर 2025 में हुआ था, जबकि कथित तौर पर शादी का वादा जुलाई 2025 में किया गया था और तीनों विदेश यात्राएं तलाक होने से पहले की गई थीं।

मौजूदा शादी के चलते अन्य से विवाह के पात्र नहीं

दिल्ली उच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि जब कोई महिला अपनी मौजूदा शादी के कारण किसी अन्य व्यक्ति से विवाह करने के लिए कानूनी रूप से पात्र नहीं होती, तो वह शादी के झूठे झांसे में आकर संबंध बनाने का दावा नहीं कर सकती।

आरोपी को मिली नियमित जमानत

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और पुलिस ने उसका पासपोर्ट पहले ही जब्त कर लिया है, जिससे उसके भागने का कोई जोखिम नहीं है। इन परिस्थितियों को देखते हुए, अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और कुछ शर्तों के साथ नियमित जमानत देने का आदेश दिया।

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