Why Justice Swarna Kanta Said Win Win Situation For Arvind Kejriwal राहत मिले या न मिले, फायदा केजरीवाल का ही; जस्टिस शर्मा ने बताया कैसे, Ncr Hindi News - Hindustan
More

राहत मिले या न मिले, फायदा केजरीवाल का ही; जस्टिस शर्मा ने बताया कैसे

दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोमवार को शराब घोटाले की सुनवाई से खुद को अलग करने से इनकार करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया।

Mon, 20 April 2026 09:31 PMAditi Sharma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
राहत मिले या न मिले, फायदा केजरीवाल का ही; जस्टिस शर्मा ने बताया कैसे

दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोमवार को शराब घोटाले की सुनवाई से खुद को अलग करने से इनकार करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस शर्मा ने फैसला सुनाते हुए कई अहम टिप्पणियां की। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपने लिए चित भी मेरी, पट भी मेरी जैसी स्थिति तैयार कर ली है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस स्वर्ण कांता ने कहा, अरविंद केजरीवला ने जज को हटाने की मांग कर 'चित भी मेरी, पट भी मेरी' जैसी स्थिति अपने लिए तैयार कर ली है। अगर उन्हें राहत नहीं मिलती, तो वह कहेंगे कि उन्होंने पहले ही इस नतीजे की भविष्यवाणी कर दी थी। और अगर उन्हें राहत मिल जाती है, तो वह कह सकते हैं कि अदालत ने दबाव में काम किया है। याचिकाकर्ता इस स्थिति को उसी तरह पेश कर सकता है, जैसा उसके नैरेटिव को सूट करता हो।

'नेता के बच्चे नेता बन सकते हैं तो जजों के बच्चे वकील क्यों नहीं'

वहीं जजों के बच्चे केंद्रीय सरकार के वकीलों वाले पैनल का हिस्सा हैं, इस दलील का जवबा देते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता ने कहा, किसी जज के बच्चों को सिर्फ इसलिए वकालत करने से नहीं रोका जा सकता क्योंकि उनके माता-पिता न्यायपालिका में हैं; ऐसा करना उनके मौलिक अधिकारों का हनन होगा। उन्होंने कहास अगर किसी नेता की पत्नी नेता बन सकती है, अगर किसी नेता के बच्चे नेता बन सकते हैं, तो यह कैसे कहा जा सकता है कि जज के बच्चे वकालत के पेशे में नहीं आ सकते? इसका मतलब न्यायाधीशों के परिवार के मौलिक अधिकारों को छीनना होगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल को दिया बड़ा झटका, पहले खूब सुनाया फिर कहा- नहीं हटूंगी

'किसी नेता को संस्था को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं'

उन्होंने कहा कि किसी नेता को बिना किसी आधार के किसी संस्था को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती, क्योंकि किसी न्यायाधीश पर व्यक्तिगत हमला न्यायपालिका पर ही हमला होता है। जस्टिस शर्मा ने कहा,यह अदालत अपने और संस्था के लिए खड़ी रहेगी। मैं खुद को इस मामले से अलग नहीं करूंगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जस्टिस स्वर्ण कांता ने इस मामले से खुद को किया अलग, केजरीवाल विवाद के बीच फैसला

केजरीवाल ने आबकारी नीति मामले में अपनी रिहाई के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका की सुनवाई कर रही न्यायाधीश के खिलाफ कई आपत्तियां उठाई थीं, जिनमें यह भी शामिल था कि उन्होंने पहले उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था और मनीष सिसोदिया और के. कविता सहित अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर राहत देने से भी इनकार कर दिया था।

केजरीवाल के अलावा, आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक ने भी न्यायाधीश को मामले से अलग करने के लिए आवेदन दायर किए थे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जस्टिस का मिसकैरिज हो जाएगा; जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से बोले केजरीवाल

भाषा से इनपुट

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।