दिल्ली के नजफगढ़ नाले में अब 'ऑन द स्पॉट' होगा कचरे व जलकुंभी का इलाज, पानी में उतरे दो नए 'योद्धा'
मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा, ‘हमारी सरकार ऐसी व्यवस्था खड़ी कर रही हैं जो वर्षों तक जनता को राहत देगी और आज का यह जलावतरण उसी सोच का प्रतीक है। जब नालों की सफाई समय पर और आधुनिक तकनीक से होगी, तो जलभराव कम होगा, बीमारियां कम होंगी।’

यमुना को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने शनिवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए यमुना में प्रदूषण के एक स्रोत नजफगढ़ ड्रेन में दो नई अत्याधुनिक वीड हार्वेस्टर कम ट्रैश स्किमर मशीनों को पानी में उतारा। इन मशीनों का औपचारिक उद्घाटन व फ्लैग-ऑफ PWD और I&FC मंत्री प्रवेश साहिब सिंह द्वारा किया गया। इस मौके पर वर्मा ने कहा कि यह सिर्फ मशीनों का शुभारंभ नहीं है, बल्कि दिल्ली को जलभराव और गंदगी की समस्या से स्थायी समाधान देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
नजफगढ़ ड्रेन लंबे समय से तैरते कचरे और जलकुंभी जैसी आक्रामक वनस्पतियों और बिना उपचारित प्रदूषकों को यमुना में पहुंचाता रहा है। हालांकि इन नई मशीनों के जरिए अब समस्या को उसके स्रोत पर ही नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे यमुना में जाने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और शहर की ड्रेनेज व्यवस्था भी बेहतर होगी।
इतनी असरकारक हैं ये नई हार्वेस्टर मशीनें
अधिकारियों ने बताया कि आज जिन दो वीड हार्वेस्टर मशीनों को पानी में उतारा गया, वह 112 HP के इंजन से संचालित होती हैं और उनकी स्टोरेज क्षमता लगभग 14 क्यूबिक मीटर है। ये मशीनें घनी जल वनस्पतियों और तैरते कचरे को काटने, इकट्ठा करने और हटाने में सक्षम हैं। मरीन-ग्रेड स्टील से निर्मित ये मशीनें उथले पानी सहित विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से काम कर सकती हैं। इनका एडवांस्ड कन्वेयर सिस्टम लगातार कटाई और अनलोडिंग सुनिश्चित करता है, जिससे काम तेज और बिना रुकावट के हो सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इन मशीनों की लागत करीब 2.90 करोड़ रुपए है और ये वीड हार्वेस्टर मशीनें शहरी प्रशासन में आधुनिक और टेक्नोलॉजी-आधारित समाधान अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अधिकारियों का कहना है कि उद्घाटन के तुरंत बाद ही इन मशीनों का संचालन पूरी तरह से शुरू कर दिया गया।

'यमुना की सफाई के लिए नजफगढ़ ड्रेन बेहद खास'
इस अवसर पर मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा, 'नजफगढ़ ड्रेन की सफाई सीधे यमुना की सफाई से जुड़ी है। अब हम ‘स्वच्छ भारत’ के विजन के अनुरूप आधुनिक, मेड-इन-इंडिया मशीनों का उपयोग कर रहे हैं, ताकि जमीन पर वास्तविक और दिखाई देने वाला बदलाव लाया जा सके। ये मशीनें सिर्फ उपकरण नहीं हैं, बल्कि टेक्नोलॉजी-ड्रिवन गवर्नेंस का उदाहरण हैं।'
'ये मशीनें एकसाथ कचरा व जलकुंभी हटाने में सक्षम'
आगे उन्होंने आगे कहा, ‘कैटमरैन डिजाइन और ड्यूल वीड-कटिंग सिस्टम से लैस ये मशीनें एक साथ कचरा और जलकुंभी हटाने में सक्षम हैं। इससे सफाई लगातार बनी रहेगी, पानी का प्रवाह बेहतर होगा और जलभराव में कमी आएगी। हमारा फोकस साफ है- प्रभावी सिस्टम, तेज क्रियान्वयन और जमीन पर दिखने वाले परिणाम।’
अधिकारियों ने बताया कि नियमित सफाई के अलावा यह पहल मॉनसून से पहले बाढ़ की तैयारी को भी मजबूत करेगी और यमुना की सफाई के बड़े लक्ष्य में अहम योगदान देगी। यह फ्लैग-ऑफ एक अहम बदलाव का संकेत है, जहां अब रिएक्टिव नहीं बल्कि प्रोएक्टिव, टेक्नोलॉजी-आधारित गवर्नेंस के जरिए साफ ड्रेन्स, साफ यमुना और अधिक सक्षम दिल्ली की दिशा में काम किया जा रहा है।

मंत्री बोले- दिल्ली को मिलेगा जलभराव की समस्या से समाधान
उधर मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा, 'आज नजफगढ़ ड्रेन, पंजाबी बाग पुल के निकट इस्कॉन मंदिर के पास दो नई आधुनिक वीड हार्वेस्टर मशीनों का जलावतरण किया। यह सिर्फ मशीनों का शुभारंभ नहीं है, बल्कि दिल्ली को जलभराव और गंदगी की समस्या से स्थायी समाधान देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।'
आगे उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार ऐसी व्यवस्था खड़ी कर रही हैं जो वर्षों तक जनता को राहत देगी और आज का यह जलावतरण उसी सोच का प्रतीक है। जब नालों की सफाई समय पर और आधुनिक तकनीक से होगी, तो जलभराव कम होगा, बीमारियां कम होंगी और जनता को सीधी राहत मिलेगी।'




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