दिल्ली पुलिस में भारी वैंकेसी; 14,000 पद खाली; ACP स्तर के पदों पर 44 फीसदी की कमी
दिल्ली पुलिस में लगभग 14.5 फीसदी पद खाली हैं। इनमें से 346 पदों में से 152 पद यानी लगभग 44 फीसदी असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) स्तर पर खाली पड़े हैं।

दिल्ली पुलिस में भारी वैकेंसी है। सरकार ने संसद में बताया है कि दिल्ली पुलिस में स्वीकृत पदों की तुलना में लगभग 14.5 प्रतिशत पद खाली हैं, जिनमें एसीपी स्तर पर सबसे अधिक 44 प्रतिशत की कमी है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के अनुसार, कुल 97,331 पदों में से 14,140 पद रिक्त हैं। हालांकि उन्होंने भरोसा दिया कि सभी थानों में पर्याप्त कर्मचारी और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए साइबर थाने और गश्त जैसी व्यवस्थाएं सक्रिय हैं।
12 मार्च 2026 तक 14,140 पद खाली
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक लिखित जवाब में बताया कि दिल्ली पुलिस में 97,331 स्वीकृत पदों के मुकाबले 12 मार्च 2026 तक 14,140 पद खाली हैं। कांस्टेबल से इंस्पेक्टर स्तर तक 96,817 स्वीकृत पदों में से 13,958 पद खाली हैं जो कि इस श्रेणी का लगभग 14.4 फीसदी है। इसी तरह असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस स्तर पर 346 स्वीकृत पदों में से 152 पद खाली हैं जो लगभग 43.9 फीसदी की कमी को बताता है।
सरकार बोली- पुलिस स्टेशनों में पर्याप्त स्टॉफ
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्य सभा में बताया कि एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और उससे ऊपर के स्तर पर 168 पदों में से 30 पद खाली हैं जो कुल संख्या का लगभग 17.9 फीसदी है। दिल्ली के सभी पुलिस स्टेशनों में पर्याप्त कर्मचारी, महिला हेल्प डेस्क और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी के सभी 15 पुलिस जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन काम कर रहे हैं।
कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए उठाए गए कई कदम
मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत अपराध वाले इलाकों की पहचान करके वहां पुलिस की संख्या बढ़ाई गई है। यही नहीं पिकेट, पैदल गश्त, पीसीआर वैन एवं इमरजेंसी वाहनों को तैनात किया गया है। इसके अलावा सक्रिय अपराधियों की पहचान कर उन पर नजर रखी जा रही है। उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय पुलिस, पीसीआर और ट्रैफिक पुलिस मिलकर गश्त कर रही है।
क्या कहते हैं अपराध के आंकड़े?
राष्ट्रीय राजधानी में अपराध के आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले 2023 में 13,208, 2024 में 13,195 और 2025 में 12,458 रहे; इसी अवधि के दौरान बच्चों से जुड़े मामले क्रमशः 7,769, 7,636 और 7,413 रहे। बुजुर्गों के खिलाफ अपराध 2023 में 1,361, 2024 में 1,267 और 2025 में 1,227 रिकॉर्ड किए गए।




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