नोएडा बवाल में मजदूर बिगुल दस्ता का हाथ! रूपेश राय पकड़ा गया; कई और गिरफ्तार
नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान सोमवार को भारी बवाल हुआ था। एक साथ कई कंपनियों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। पुलिस की जांच में मजदूर बिगुल दस्ता नाम के एक संगठन का हाथ सामने आया है।

नोएडा में श्रमिकों आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ नाम के एक संगठन का हाथ सामने आया है। नोएडा पुलिस ने ऐसा दावा करते हुए संगठन के मुखिया रूपेश राय को उठा लिया है। संगठन से जुड़े कई अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने अब तक 17 वॉट्सऐप ग्रुप्स की पहचान भी की है, जिनके जरिए हिंसक आंदोलन को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया था।
इससे पहले पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मीडिया को बताया था कि किस तरह कुछ वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए और क्यूआर कोड के जरिए इसमें लोगों को जोड़कर उन्हें भड़काया गया। पुलिस इन ग्रुप्स को क्रिएट करने वालों और श्रमिकों को भड़काने वालों के खिलाफ ऐक्शन तेज कर दिया है। हिंसा में शामिल रहे लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरजेडी की दो प्रवक्ताओं पर FIR
नोएडा के श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन से जोड़कर एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। राजद के नेताओं पर मध्यप्रदेश में हुई एक घटना को नोएडा में किए जा रहे श्रम विरोध प्रदर्शनों से जोड़ने और सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर इस मामले के बारे में पोस्ट करके तनाव भड़काने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' के एक हैंडल और उस फेसबुक प्रोफाइल के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की है, जो जितेंद्र शर्मा दौसा के नाम पर है।
अभी तक 10 एफआईआर दर्ज
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि अभी तक 10 एफआईआर दर्ज किए गए हैं। इसमें कई ऐसे सोशल मीडिया हैडल्स और वॉट्सऐप ग्रुप्स की पहचान की गई है, जो अभी भी श्रमिकों को हिंसा के लिए भड़का रहे हैं। ऐसे ग्रुप्स की पहचान के खिलाफ उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है जो साजिश में शामिल हैं।
फैक्ट्रियों में होने लगा कामकाज
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि नोएडा में सभी फैक्ट्रियां खुली हैं। सभी जगह श्रमिक काम पर लौट आए हैं। सुबह साढ़े पांच बजे से ही फोर्स फ्लैग मार्च और पट्रोलिंग कर रही है। कल उत्तर प्रदेश सरकार ने जो हाई पावर कमिटी भेजी थी उसकी सिफारिशों के बाद वेतन में वृद्धि की गई है और वेज बोर्ड के गठन का आदेश भी दिया गया है। इसका फैसले का कल व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था। इसके पोस्टर फैक्ट्रियों के नोटिस बोर्ड पर लगाए गए थे। इसका परिणाम यह हुआ कि श्रमिक संतुष्ट हो गए और काम पर लौट आए।




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