दिल्ली में आधार से जुड़ेगी संपत्ति आईडी, MCD इस साल लागू करेगी नई व्यवस्था; ये होंगे फायदे
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) प्रशासन यूनिक संपत्ति पहचान कोड (यूपिक) को आधार कार्ड नंबर से जोड़ेगा। यह व्यवस्था इसी वर्ष से की जाएगी। इसके बाद राजधानी के लोग आधार कार्ड नंबर के जरिये अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकेंगे।

राजधानी दिल्ली के लोग जल्द ही आधार कार्ड नंबर के जरिये अपने संपत्ति कर का भुगतान कर सकेंगे। दिल्ली नगर निगम इस नई व्यवस्था को इसी वर्ष लागू करेगा। इसके लिए निगम यूनिक संपत्ति पहचान कोड (यूपिक) को आधार कार्ड नंबर से जोड़ेगा।
निगम अफसरों ने बताया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) से दिल्ली सरकार को इसकी अनुमति मिल चुकी है। इस संबंध में आगामी सप्ताह में दिल्ली सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिसमें सरकार से इस संबंध में जल्द अधिसूचना जारी करने का आग्रह किया जाएगा। अधिसूचना जारी होते ही निगम इसे लागू कर देगा।
अफसरों ने बताया कि बिजली कंपनियों के डेटा को निगम समायोजित कर रहा है। इससे दिल्ली में सभी श्रेणी की संपत्तियों के डेटा का नया रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे निगम के करदाताओं में भी वृद्धि होगी। अभी दिल्ली में 13 लाख से अधिक करदाता हैं। बिजली कंपनियों के डेटा के मद्देनजर 50 लाख से अधिक करदाताओं के संपत्ति कर के दायरे में लाया जा सकेगा।
अधिक राजस्व अर्जित किया
अधिकारियों ने बताया कि निगम को इस वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 2705 करोड़ रुपये का राजस्व संपत्ति कर से अब तक अर्जित हुआ है। यह जनवरी तक अब तक का सबसे अधिक राजस्व निगम ने संपत्ति कर से प्राप्त किया है। निगम ने 3200 करोड़ रुपये का संपत्ति कर के जरिए राजस्व प्राप्त करने का अनुमानित लक्ष्य 31 मार्च तक रखा है। उम्मीद की जा रही है कि निगम तय लक्ष्य को इसी महीने प्राप्त कर लेगा।
यह फायदा होगा
अधिकारियों ने बताया कि यूपिक से आधार कार्ड नंबर के जुड़ने के बाद करदाता निगम की वेबसाइट mcdonline.nic.in/portal पर यूपिक की जगह पर आधार कार्ड नंबर को डालकर संपत्ति कर जमा कर सकेंगे। इससे संपत्ति कर जमा कराने की प्रक्रिया काफी आसान हो जाएगी। यह व्यवस्था व्यावसायिक और रिहायशी दोनों संपत्ति पर लागू होगी।
● नागरिक निगम की वेबसाइट पर जाकर आधार कार्ड नंबर से अपने संपत्ति कर के बकाया की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
● संपत्ति बेचने और खरीदने वालों के आधार कार्ड के संपत्ति आईडी से जुड़ने के बाद यह तुरंत ट्रांसफर रिकॉर्ड में अपडेट हो जाएगी।
● दिल्ली नगर निगम के संपत्ति कर विभाग के रिकॉर्ड में संपत्ति का सत्यापन आधार कार्ड नंबर के जरिये हो सकेगा। इससे समय बचेगा।




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