प्रदूषण से राहत, यमुना सफाई और मेट्रो विस्तार... बजट से दिल्लीवालों को क्या उम्मीदें?
केंद्रीय बजट में इस बार दिल्ली को विशेष आवंटन की उम्मीद है। यमुना सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और नमो भारत के नए कॉरिडोर के साथ-साथ मध्यम वर्ग को टैक्स में छूट और स्टार्टअप्स को एआई ट्रेनिंग जैसे बड़े तोहफे मिल सकते हैं।

केंद्र सरकार द्वारा रविवार को पेश होने वाले बजट में दिल्ली को कई बड़ी सौगातें मिल सकती हैं। इसमें दिल्ली के विकास से लेकर यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए राशि आवंटित की जा सकती है। इस वर्ष केंद्र सरकार पहली बार उस समय बजट पेश कर रही है जब दिल्ली में भी भाजपा की सरकार है। इसलिए न केवल दिल्ली सरकार बल्कि दिल्लीवासियों को भी उम्मीद है कि केंद्र सरकार से दिल्लीवासियों को बजट में बड़े तोहफे मिल सकते हैं।
केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष एक निश्चित राशि दिल्ली को बजट में आवंटित की जाती रही है, लेकिन इस वर्ष दिल्ली में भी भाजपा सरकार है। इसके साथ ही भाजपा सरकार ने विकसित दिल्ली बनाने का संकल्प लिया हुआ है, जिसमें उसे केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता है। दिल्ली में वायु प्रदूषण, यमुना को स्वच्छ बनाना, सड़कों को दुरुस्त करना, जाम को खत्म करना, स्कूलों की संख्या बढ़ाकर छात्रों के दबाव को कम करना आदि चुनौतियां है।
केंद्र से सहयोग की उम्मीद
दिल्ली सरकार द्वारा बीते वर्ष लगभग एक लाख करोड़ का बजट पेश किया गया था। अपने स्तर पर दिल्ली सरकार लगातार विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है, लेकिन इसके साथ ही उन्हें केंद्र सरकार से सहयोग की उम्मीद है, ताकि विकास की रफ्तार को तेज किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार दिल्ली के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती है। कई परियोजनाओं के लिए बजट में राशि भी आवंटित की जा सकती है। खासतौर से यमुना की सफाई के लिए केंद्र सरकार द्वारा मदद की घोषणा हो सकती है। यमुना की सफाई और प्रदूषण लोगों से जुड़ा हुआ मुख्य मुद्दा है। खासक प्रदूषण के कारण हर वर्ष लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ब्याज दर में छूट मिले
एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले मैकेनिकल इंजीनियर विनीत शर्मा का कहना है कि नौकरीपेशा के लिए सरकार को विशेष सहूलियत देनी चाहिए। उनका कहना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपये किया जाना चाहिए, ताकि नौकरीपेशा बचत कर सके। होम लोन के ब्याज पर छूट को दो लाख से बढ़ाकर चार लाख रुपये किया जाना चाहिए। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहूलियत मिले।
शर्तों को हटाया जाए
दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले एचआर प्रबंधक अंकित शर्मा का कहना है कि सरकार ने इनकम टैक्स में जो 12 लाख रुपये की छूट दे रखी है, उसमें कई शर्तें लगाई गई है। नियमों को और सरल किया जाना चाहिए। 12 लाख तक की इनकम पूरी तरह टैक्स माफी के दायरे में होनी चाहिए। इसके ऊपर होने वाली आमदनी पर ही टैक्स लिया जाना चाहिए। देश जनता से सिर्फ एक बार टैक्स लेना चाहिए।
केवल जीएसटी रखें
फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव का कहना है कि सरकार को वन नेशन-वन टैक्स के तहत केवल जीएसटी को रखना चाहिए। इसके अलावा इनकम टैक्स समेत सभी कर समाप्त किए जाने चाहिए। आम जनता को इस मामले में राहत मिलनी चाहिए।
वित्तीय सहायता मिले
ऑल इंडिया मोटर एंड गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर का कहना है कि ट्रांसपोर्ट सेक्टर के समक्ष कई बड़ी चुनौतियां है। इसकी वजह से यह कारोबार लगातार घाटे की ओर बढ़ रहा है। इसके लिए केंद्रीय वित्तमंत्री को सुझाव भेजकर बजट में प्रावधान किए जाने का आग्रह किया गया है। यह क्षेत्र लगातार वित्तीय और परिचालन संबंधी दबावों से जूझ रहा है। ट्रांसपोर्टर वर्ग बढ़ते ईंधन खर्च, टोल शुल्क, कराधान में खामियों की वजह से परेशान हैं। ऐसे मे ट्रांसपोर्टरों को वित्तीय सहयता की जरूरत है। सरकार को इसपर सोचना चाहिए।
प्रशिक्षण की जरूरत
युवा उद्यमी गौरव का कहना है कि वर्तमान युग एआई और तकनीक का युग है। सरकार स्टार्टअप शुरू करने के लिए लोन तो उपलब्ध करा रही है, लेकिन कारोबार में तकनीक और एआई का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इस पर भी ट्रेनिंग दिलाई जानी चाहिए। भविष्य में सभी कारोबार ऑनलाइन हो जाएंगे। ऐसे में सरकार को शहरी और ग्रामीण स्तर पर भी तकनीक, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर कारोबार की ट्रेनिंग दिलाई जानी चाहिए। उम्मीद है कि सरकार इस बजट में युवाओं के लिए कुछ अच्छी घोषणाएं कर सकती है।
कागजी काम और नियम कम होने चाहिए
सदर बाजार की बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा का कहना है कि जीएसटी में एक बार फिर रिफॉर्म करने की जरूरत है। टैक्स प्रणाली को आसान बनाया जाए, कागजी काम और नियम कम होने चाहिए। छोटे व्यापारियों को सस्ता और आसान बिजनेस लोन दिया जाना चाहिए, ताकि शुरुआती पूंजी मिल सके और युवा व्यापार कर सकें।
परिवहन की सुविधा में विस्तार की उम्मीद
इस बजट में सरकार एनसीआर में यातायात सुविधाओं को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। नमो भारत के दिल्ली-करनाल व दिल्ली-अलवर कॉरिडोर को मंजूरी मिल सकती है। इसका प्रस्ताव तैयार हो चुका है। ऐसे में उम्मीद है कि बजट में केंद्र सरकार इन दोनों नए कॉरिडोर के लिए फंड आवंटित कर सकती है। दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो विस्तार के कई नए कॉरिडोर भी प्रस्तावित हैं।




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