10 महीने की मासूम को मारकर सेप्टिक टैंक में फेंका, दूसरी बेटी पैदा होने पर बाप बना जल्लाद!
इस कथित दुख में जल्लाद बने पिता ने 10 महीने की मासूम बच्ची को घर में बने सेप्टिक टैंक में फेंक दिया और खुदको कानून के हाथों से बचाने के लिए झूठी कहानी गढ़ी। लेकिन अंत में उसकी पोल खुली और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

राजधानी दिल्ली में 10 महीने की मासूम बच्ची की पिता द्वारा हत्या कर दी गई। घटना बाहरी उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके की है। पिता के हैवान बनने की वजह रही- घर में दूसरी बेटी का जन्म होना। पिता फिर से बेटी के आने से नाखुश था। इस कथित दुख में जल्लाद बने पिता ने 10 महीने की मासूम बच्ची को घर में बने सेप्टिक टैंक में फेंक दिया और खुदको कानून के हाथों से बचाने के लिए झूठी कहानी गढ़ी। लेकिन अंत में उसकी पोल खुली और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस से बचने के लिए गढी झूठी कहानी
पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी के मुताबिक, आरोपी दीपक के परिवार में मृतका मासूम के अलावा पत्नी और पांच साल की एक बेटी है। पांच साल की एक बेटी के पहले से होने के बाद अब वह दूसरी बेटी के होने के बाद से खुश नहीं था। दूसरी बेटी से मुक्ति पाने के लिए उसने हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करते हुए बताया कि रविवार तड़के जब वह दुकान से दूध लेने गया था, तब उसकी पत्नी बीमार बड़ी बेटी के साथ सो रही थी। उसी दौरान कोई अज्ञात व्यक्ति घर में घुसा और 10 महीने की बच्ची को अगवा कर ले गया।
शक होने पर पुलिस के सामने उगले राज
अपने झूठ को सच साबित करने और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए दीपक ने बच्ची के दूध की बोतल जानबूझकर घर के बाहर गली में फेंक दी थी। शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर कई टीमों के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को पिता दीपक के बयान और हरकतों पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया और पूरे मामले का खुलासा हुआ।
सेप्टिक टैंक में फेंक दी थी लाश
दीपक की निशानदेही पर पुलिस ने मासूम बच्ची का शव एक सेप्टिक टैंक से बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी पिता को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है और अब अपहरण की धाराओं को हटाकर हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस खुलासे के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और परिवार गहरे सदमे में है।




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