दिल्ली में बंद कमरे में मोमो बनाते हुए सो गए दो युवक, सुबह मिली दोनों की लाश; पुलिस को इस बात का शक
पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह परिवार के एक सदस्य ने दरवाजा खोला और दोनों को बिस्तर पर बेहोश पाया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी प्राप्त होते ही एक PCR वैन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।

दिल्ली के जहांगीर पुरी इलाके में शनिवार सुबह एक बंद कमरे में दो लोग मृत पाए गए। दोनों मृतक मोमो बेचने का काम करते थे और पुलिस को शक है कि मोमोज बनाते समय बंद कमरे में बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से उनकी मौत हुई होगी। पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह जहांगीर पुरी पुलिस स्टेशन में एक PCR कॉल आई, जिसमें बताया गया कि एक कमरे में कुछ लोग बेहोश पड़े हैं। जिसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और दो लोगों को बिस्तर पर बेहोश पाया। बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
मृतकों की पहचान मुसाफिक आलम (18) और रुखसाद आलम (30) के रूप में हुई है, दोनों जहांगीर पुरी के रहने वाले थे। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों एक कमरे में गैस वाले मोमो हीटर या सिगड़ी का इस्तेमाल करके मोमोज बना रहे थे। इस दौरान उन्होंने कमरा अंदर से बंद कर लिया था, और हीटर बंद किए बिना ही दोनों रात को सो गए थे। जिसके बाद यह हादसा हो गया।
पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह परिवार के एक सदस्य ने दरवाजा खोला और दोनों को बिस्तर पर बेहोश पाया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी प्राप्त होते ही एक PCR वैन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जिसने क्राइम टीम और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और पूरी जांच की।
मामले की जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'जांच के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं। पहली नजर में, यह घटना गैस लीक होने से हुई दुर्घटना लग रही है।' पुलिस ने बताया कि कमरे में वेंटिलेशन कम था, साथ में गैस वाला हीटर भी जल रहा था। जिससे रात भर हानिकारक गैसें जमा होने की आशंका है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और FSL रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा।
पुलिस ने बताया कि कानून के अनुसार जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




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