दिल्ली में पुलिस भी सुरक्षित नहीं? हेड कॉन्स्टेबल से पिस्टल छीनकर की थी फायरिंग, 2 गिरफ्तार
मुख्य आरोपी अविनाश उर्फ जानू (30) को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथी वसीम (30) को बाद में दक्षिण दिल्ली से पकड़ा गया।

दिल्ली के सफदरजंग इलाके में एक पार्क में गश्त के दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल पर हमला कर उसकी सर्विस पिस्टल लूटने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी अविनाश उर्फ जानू (30) को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथी वसीम (30) को बाद में दक्षिण दिल्ली से पकड़ा गया।
मुठभेड़ के बाद दबोचा गया अविनाश
पुलिस के मुताबिक, 23 जनवरी को अविनाश को टुंडला के पुराने बायपास रोड के पास स्कूटर पर देखा गया। जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया तो वह भागने लगा और घिर जाने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। दक्षिण-पश्चिम जिले के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में आरोपी के घुटनों में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू में कर लिया गया। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों की जान बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बच गई।
पुलिस ने आरोपी के पास से लूटी गई 9 एमएम की सरकारी पिस्टल, तीन खाली कारतूस, एक स्कूटर और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके साथी वसीम को भी गिरफ्तार कर लिया गया। वसीम दक्षिण दिल्ली के स्वामी नगर का रहने वाला है।
पुलिस की पिस्टल छीनकर की फायरिंग
यह घटना 22 जनवरी को दोपहर करीब 2.20 बजे की है, जब सफदरजंग इलाके में तैनात हेड कांस्टेबल राजकुमार पार्क में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पार्क में दो संदिग्ध लोगों के होने की सूचना मिली। जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर दोनों से पूछताछ की तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी ने हेड कांस्टेबल को पकड़ लिया, जबकि दूसरे ने उनकी सर्विस पिस्टल छीनकर उन पर फायरिंग कर दी और दोनों मौके से फरार हो गए। हालांकि, हेड कांस्टेबल इस हमले में सुरक्षित बच गए।
मामला दर्ज कर शुरू हुई जांच
घटना के बाद सफदरजंग एन्क्लेव थाने में BNS और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गईं। पुलिस ने सफदरजंग एन्क्लेव, हौज खास, मालवीय नगर और महरौली इलाके के करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले, साथ ही तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद ली गई।
जांच के दौरान एक संदिग्ध की पहचान अविनाश के रूप में हुई, जो सावित्री नगर का रहने वाला है और छतरपुर इलाके में भी रहता था। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से उसके टुंडला जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और टुंडला पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है, पुलिस ने बताया।




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