दिल्ली की सड़कों से धूल कम करने रेखा सरकार का पायलट प्रोजेक्ट, शहर में बनेंगी चार 'मॉडल सड़कें'
सड़कों की धूल को हटाने व प्रदूषण को कम करने के लिए PWD दो और प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है। जिसमें से पहले प्रोजेक्ट के तहत, मशीनीकृत सफाई के लिए 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन (MRSM) और पानी के टैंकर लगाए जाएंगे।

दिल्ली की प्रदूषित हवा में से धूल का प्रदूषण कम करने के लिए और सड़कों को धूल मुक्त बनाने के लिए PWD (लोक निर्माण विभाग) ने एक बेहद खास योजना बनाई है और इसके तहत वह शहर की चार सड़कों को 'मॉडल रोड' के रूप में विकसित करेगा। इस दौरान इन सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत करने से लेकर दीवार से दीवार तक पक्की सड़क और हरियाली सहित पूरे काम करते हुए इन सड़कों को पूरी तरह से धूल-मुक्त बनाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस 'मॉडल रोड' वाले पायलट प्रोजेक्ट के लिए चार खास सड़कों की पहचान की जानी बाकी है और उस पर काम चल रहा है। प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के अंतर्गत, PWD सड़क के किनारों और सेंट्रल वर्ज की पूरी तरह से पक्की सड़क बनाने के साथ ही लैंडस्केपिंग और हरियाली का काम भी करेगा।
प्रोजेक्ट सफल रहा तो अन्य सड़कों पर भी बढ़ाया जाएगा
अधिकारियों के मुताबिक यह पायलट प्रोजेक्ट इस साल वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग के 160 किलोमीटर के रोड नेटवर्क को फिर से विकसित करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। इस बारे में जानकारी देते हुए विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 'अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो इसे शहर की दूसरी सड़कों पर भी बढ़ाया जाएगा। फिलहाल इन सड़कों की पहचान करने की प्रक्रिया चल रही है और इस बारे में तय होते ही धूल कम करने के दूसरे उपाय लागू किए जाएंगे।'
दो अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहा विभाग
सड़कों की धूल को हटाने व प्रदूषण को कम करने के लिए PWD दो और प्रोजेक्ट भी शुरू करने जा रहा है। जिसमें से पहले प्रोजेक्ट के तहत, मशीनीकृत सफाई के लिए 70 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन (MRSM) और पानी के टैंकर लगाए जाएंगे। वहीं दूसरे प्रोजेक्ट के तहत, नियमित रूप से धूल को दबाने के लिए 250 पानी के स्प्रिंकलर मशीनें लगाई जाएंगी।
साल के अंत तक 160 किमी सड़कों को किया जाएगा पक्का
सरकार ने इस साल के अंत तक 160 किलोमीटर सड़कों को पक्का करने की योजना बनाई है। साथ ही इस साल बड़े पैमाने पर हरियाली के काम के लिए 85.70 किलोमीटर सड़कों की भी पहचान की है। अधिकारियों ने बताया कि इन कामों पर लगभग 400 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने की उम्मीद है।
शहर की 3300 किमी की सड़कों को अपग्रेड करने की जरूरत
इससे पहले इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एयर पॉल्यूशन और सड़क की धूल को कम करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी। जिसमें बताया गया था कि शहर में लगभग 3,300 किलोमीटर सड़कों को फिर से बनाने या अपग्रेड करने की जरूरत है। इसमें PWD के अंतर्गत लगभग 800 किलोमीटर, नगर निगम के तहत 1,200 किलोमीटर और अनधिकृत कॉलोनियों में लगभग 1,000 किलोमीटर सड़कें शामिल हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘सड़क को बार-बार खोदने से बचाने के लिए, अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट्स दिए जाएंगे। टेंडर जल्द ही जारी किए जाएंगे, जिसका लक्ष्य एक साल के अंदर काम पूरा करना है।’




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