झगड़े के 30 मिनट में हुआ सूर्या का मर्डर, ऐसे रची गई मारने की साजिश; मुठभेड़ तक की पूरी कहानी
Surya Chauhan Murder Case: शुरुआती तौर पर यह मामला बाइक को लेकर हुए विवाद का लग रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि महज आधे घंटे के भीतर यह झगड़ा कथित तौर पर सुनियोजित साजिश में बदल गया। जानिए हत्या के बाद गिरफ्तार हुए आरोपियों ने इस कांड के बारे में क्या-क्या बताया…

Surya Chauhan Murder Case: गाजियाबाद में 17 साल के सूर्यप्रताप उर्फ सूर्या चौहान की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआती तौर पर यह मामला बाइक को लेकर हुए विवाद का लग रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि महज आधे घंटे के भीतर यह झगड़ा कथित तौर पर सुनियोजित साजिश में बदल गया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी असद रविवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
पुलिस के मुताबिक, पूरा घटनाक्रम 28 मई की दोपहर शुरू हुआ। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी फरहान ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे सूर्या चौहान और असद के बीच बाइक चलाने को लेकर तीखी बहस हुई थी। दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और विवाद काफी गर्म हो गया। इसके बाद असद वहां से चला गया। शुरूआत में तो ऐसा लग रहा था कि मामला निपट गया है, लेकिन उसने मामले को वहीं खत्म नहीं होने दिया और फिर इसका अंत एक खूनी कांड से हुआ।
- पिता और दोस्तों के साथ बनाई हत्या की प्लानिंग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवाद के बाद असद ने अपने पिता नवाब और दोस्तों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद कथित तौर पर सभी ने मिलकर सूर्या को सबक सिखाने की प्लानिंग बनाई। पुलिस का दावा है कि यहीं से एक सामान्य विवाद आपराधिक साजिश में बदल गया। जांच में सामने आया है कि असद, उसका पिता नवाब और अन्य साथी सूर्या की तलाश में निकल पड़े। पुलिस के अनुसार, सभी ने मिलकर उसे घेरने और हमला करने की प्लानिंग बनाई थी।
- 30 मिनट बाद गली में घेरकर मार डाला
पुलिस के मुताबिक, विवाद के करीब आधे घंटे बाद यानी लगभग 3:30 बजे सूर्या चौहान को नवनीत विहार की गली नंबर-4 में घेर लिया गया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि फरहान ने असद को चाकू उपलब्ध कराई थी। वहीं मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब ने कथित तौर पर उसे उकसाते हुए कहा, "इसकी कहानी खत्म कर दे।" इसके बाद असद ने सूर्या के पेट में चाकू घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल सूर्या खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को लगा कि उसकी मौत हो चुकी है, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए।
- अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गया सूर्या
घटना की सूचना मिलने पर खोड़ा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल किशोर को अस्पताल में भर्ती कराया। इंदिरापुरम एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव के मुताबिक, 28 मई को करीब साढ़े तीन बजे पुलिस को चाकूबाजी की सूचना मिली थी। घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।
- हत्या-मौत के बाद शुरू हुई गिरफ्तारियां
हत्या-मौत और फरारी के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस तेजी से जांच में जुट गई। मामला सबकी नजरों में आ गया। इसके बाद इस कांड का दूसरा फेज शुरू हुआ, गिरफ्तारी और एनकाउंटर का। जांच के दौरान पुलिस ने नवाब, फरहान और आतिफ को चौधरी चरण सिंह गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी असद फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
- एनकाउंटर में मारा गया, मुख्य आरोपी असद
डीसीपी धवल जायसवाल के अनुसार, रविवार तड़के पुलिस को सूचना मिली थी कि असद अपने कुछ साथियों से मिलने और पैसे लेकर फरार होने की तैयारी में है। सूचना के आधार पर खोड़ा और इंदिरापुरम थाना पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, जब असद अपने एक साथी के साथ बाइक पर वहां पहुंचा, तो पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की। आरोप है कि उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें असद घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ।




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