US-Iran tensions push Pakistan toward economic crisis, say Islamabad residents खून के आंसू रोने पर क्यों मजबूर पाकिस्तान? अमेरिका-ईरान तनाव के चलते छाये संकट के बादल, International Hindi News - Hindustan
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खून के आंसू रोने पर क्यों मजबूर पाकिस्तान? अमेरिका-ईरान तनाव के चलते छाये संकट के बादल

Economic Crisis In Pakistan: ऐसे में लोअर क्लास, लोअर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास का भट्टा बैठा जा रहा है। पाकिस्तान के कुछ लोगों का कहना है कि पेट्रोल 250 रुपये लीटर बिक रहा था, जो महंगाई के बाद 450 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया था।

Sun, 31 May 2026 04:56 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान
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खून के आंसू रोने पर क्यों मजबूर पाकिस्तान? अमेरिका-ईरान तनाव के चलते छाये संकट के बादल

Economic Crisis In Pakistan: अमेरिका-ईरान तनाव की आंच पाकिस्तान तक पहुंच रही हैं। भारत के इस पड़ोसी मुल्क की आम जनता इस समय खुद को महंगाई की मार के बीच खून के आंसू रोने को मजबूर बता रही है। क्योंकि, रहने-खाने से लेकर आने-जाने तक के खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में लोअर क्लास, लोअर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास का भट्टा बैठा जा रहा है। पाकिस्तान के कुछ लोगों का कहना है कि पेट्रोल 250 रुपये लीटर बिक रहा था, जो महंगाई के बाद 450 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया था। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के चलते पाकिस्तान में संकट के बादल छाए हुए हैं। जानिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ पूरी बात।

क्या कह रहे हैं पाकिस्तान के लोग?

इस्लामाबाद के कई निवासियों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखाई देने लगा है। लोगों का आरोप है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी ने रोजमर्रा की जिंदगी को और महंगा बना दिया है। सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन खाने-पीने, आने-जाने से लेकर अन्य जरूरी सामानों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

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पेट्रोल के दाम 250 से बढ़कर हुए 450

निवासियों के मुताबिक, हाल के दिनों में पेट्रोल की कीमतें करीब 250 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 450 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं। हालांकि बाद में इनमें कुछ नरमी आई, लेकिन कीमतें अभी भी 400 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बताई जा रही हैं। डीजल की कीमतों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी की शिकायतें सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि ईंधन महंगा होने का सीधा असर ट्रांसपोर्ट लागत पर पड़ता है, जिससे बाजार में खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं।

पाकिस्तान की जनता किसे मान रही जिम्मेदार

आम जनता ने बढ़ती महंगाई के लिए अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बने तनाव को जिम्मेदार ठहराया है। आपको बताते चलें कि यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। यदि इस इलाके में तनाव बढ़ता है, तो पूरी दुनिया में तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिसका असर तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ता है।

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आम जनता का दावा, 300 फीसदी बढ़ी महंगाई

कुछ लोगों का दावा है कि महंगाई में 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बढ़ती कीमतों ने गरीब और मध्यम वर्ग के लिए जीवन मुश्किल बना दिया है। एक निवासी ने बताया कि वह पिछले एक महीने से अपनी कार घर पर खड़ी रखने को मजबूर है, क्योंकि पेट्रोल का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। उसने कहा कि अब मोटरसाइकिल चलाना भी महंगा पड़ने लगा है।

आम जनता कर रही शांती की अपील

इस्लामाबाद के कई निवासियों ने क्षेत्र में जारी तनाव और सैन्य कार्रवाई पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि तनाव जितना लंबा खिंचेगा, आर्थिक अनिश्चितता उतनी ही बढ़ेगी। लोगों ने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देने की अपील की है। उनका कहना है कि शांति ही ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने, महंगाई पर नियंत्रण पाने और आम लोगों को राहत देने का सबसे प्रभावी रास्ता है।

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