supreme court to hear plea of let terrorist arif against death penalty in red fort attack case लाल किला हमले में मौत की सजा पाए आतंकी की अर्जी सुनेगा SC, दिल्ली सरकार को नोटिस, Ncr Hindi News - Hindustan
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लाल किला हमले में मौत की सजा पाए आतंकी की अर्जी सुनेगा SC, दिल्ली सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने 2000 के लाल किला हमले के मामले में मौत की सजा पाए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी मोहम्मद आरिफ की याचिका पर सुनवाई करेगा। हमले में सेना के तीन जवान शहीद हो गए थे। 

Thu, 22 Jan 2026 01:33 PMKrishna Bihari Singh भाषा, नई दिल्ली
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लाल किला हमले में मौत की सजा पाए आतंकी की अर्जी सुनेगा SC, दिल्ली सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2000 के लाल किला हमले के दोषी और लश्कर आतंकी मोहम्मद आरिफ की सुधारात्मक याचिका पर सुनवाई के लिए हामी भर दी है। इस आतंकी हमले में सेना के तीन जवान शहीद हुए थे। निचली अदालत और दिल्ली हाई कोर्ट से मिली मौत की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में बरकरार रखा था। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में उसकी पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी थी। अब अंतिम कानूनी विकल्प के तौर पर अदालत मामले की समीक्षा करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी मौत की सजा को रखा था बरकरार

निचली अदालत ने अक्टूबर 2005 में आरिफ उर्फ ​​अशफाक को मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा था। फिर दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सितंबर 2007 में आरिफ को मौत की सजा के फैसले को सही ठहराया था। इसके बाद आरिफ ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी अगस्त 2011 में आरिफ को मिली मौत की सजा को बरकरार रखा था।

दिल्ली सरकार को नोटिस

गुरुवार को सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी की विशेष बेंच ने वकीलों की दलीलों को सुना जिसमें सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का जिक्र किया गया था। इन फैसलों में आतंकी की अपील और पुनर्विचार याचिका को रद्द करते हुए उसकी मौत की सजा को सही ठहराया गया था। अब शीर्ष अदालत ने इस मामले में दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। सीजेआई ने अपने आदेश में कहा- नोटिस जारी करें।

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सेना के तीन जवान हो गए थे शहीद

उपचारात्मक याचिका यानी क्यूरिटिव पिटिशन किसी भी व्यक्ति के पास अदालत के फैसले को चुनौती देने का आखिरी कानूनी रास्ता होता है। इसे सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे सही ठहरा चुका है। सरकारी पक्ष के मुताबिक, 22 दिसंबर 2000 की रात कुछ आतंकी लाल किले के उस हिस्से में घुस गए थे जहां भारतीय सेना की 7 राजपूताना राइफल्स तैनात थी। आतंकियों की गोलीबारी में सेना के तीन जवान शहीद हो गए थे।

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