Supreme Court asks student arrested for Noida violence to approach High Court हर कोई यहीं आ जाता है, हमारे पास 93000 मामले; नोएडा हिंसा में छात्रा को जमानत देने से SC का इनकार, Ncr Hindi News - Hindustan
More

हर कोई यहीं आ जाता है, हमारे पास 93000 मामले; नोएडा हिंसा में छात्रा को जमानत देने से SC का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। छात्रा पर 13 अप्रैल को नोएडा में औद्योगिक मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। दो जजों की बेंच ने छात्रा की ओर से पेश वकील से हाई कोर्ट जाने को कहा।

Fri, 8 May 2026 02:00 PMSubodh Kumar Mishra पीटीआई, नई दिल्ली
share
हर कोई यहीं आ जाता है, हमारे पास 93000 मामले; नोएडा हिंसा में छात्रा को जमानत देने से SC का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। छात्रा पर 13 अप्रैल को नोएडा में औद्योगिक मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने छात्रा आकृति चौधरी की ओर से पेश वकील से इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आप हाई कोर्ट क्यों नहीं जाते? हर कोई संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करके यहीं आ जाता है। सुप्रीम कोर्ट में 93000 मामले लंबित हैं।

जमानत देने की मांग

छात्रा की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए थे। उन्होंने अपने मुवक्किल को जमानत देने की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आकृति चौधरी दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गुजरात के सोहराबुद्दीन एनकाउंटर में HC का बड़ा फैसला, सभी 22 आरोपी कर दिए बरी

पुलिस अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने केशव आनंद की एक याचिका पर पुलिस अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें प्रताड़ित किया। इससे पहले, नोएडा की एक अदालत ने तीन महिलाओं- आकृति चौधरी, मनीषा चौहान और सृष्टि गुप्ता को कुछ शर्तों के साथ पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दी थी। इन महिलाओं पर 13 अप्रैल को औद्योगिक कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। अदालत ने उनके वकीलों को भी जांच की कार्यवाही के दौरान मौजूद रहने की अनुमति दी थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ये कोर्ट है, कोई फिल्म नहीं चल रही... पूर्व भाजपा विधायक पर क्यों भड़क गए HC जज

आरोपियों के घर से सबूत मिलने की संभावना: पुलिस

आकृति चौधरी और सृष्टि गुप्ता दिल्ली की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 20 साल के आसपास है। चौधरी ने दौलत राम कॉलेज से इतिहास में मास्टर्स किया है, जबकि चौहान नोएडा की एक औद्योगिक इकाई में कर्मचारी हैं। कस्टडी के लिए दायर आवेदन में पुलिस ने यह तर्क दिया था कि आरोपियों के घर से महत्वपूर्ण सबूत मिलने की पूरी संभावना है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:किसी के पैसों को तब तक घूस नहीं माना जा सकता जब तक कि…; HC का महत्वपूर्ण फैसला

वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर हुई थी हिंसा

पिछले महीने नोएडा के कुछ हिस्सों में वेतन में बढ़ोतरी की मांग को लेकर फैक्टरी मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के बड़ी संख्या में मजदूर अपनी लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन की मांग पर जोर देने के लिए इकट्ठा हुए और प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की। यह विरोध प्रदर्शन उस समय हिंसा में बदल गया जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, पत्थरबाज़ी की और एक वाहन में आग लगा दी।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।