एयरपोर्ट से सीधे केजरीवाल के घर पहुंचे सिसोदिया, AAP ने नई रणनीति पर शुरू किया काम
आम आदमी पार्टी बड़ी फूट के बाद अब पार्टी ने एक नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इस स्थिति को लेकर पार्टी नेताओं के बीच विचार-विमर्श जारी है। शुक्रवार को देर रात गुजरात दौरे से लौटने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की।

आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद अब पार्टी ने एक नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। इस स्थिति को लेकर पार्टी नेताओं के बीच विचार-विमर्श जारी है। शुक्रवार को देर रात गुजरात दौरे से लौटने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की।
मनीष सिसोदिया गुजरात के नगर निगम चुनावों में पार्टी के लिए प्रचार करने राजकोट में थे। पार्टी सूत्रों ने बताया कि देर रात दिल्ली लौटने के बाद सिसोदिया एयरपोर्ट से सीधे पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर गए। दोनों नेताओं के बीच आधे घंटे से ज्यादा समय तक मुलाक़ात हुई। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने पार्टी में हुई फूट के संभावित असर और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
सभापति को पत्र भेजने की तैयारी
आप के दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच यह मुलाकात तब हुआ जब राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने आप के छह राज्यसभा सांसदों के साथ मिलकर नियमों के अनुसार सदन के सभापति को पार्टी छोड़ने की जानकारी दे दी है। अब आम आदमी पार्टी भी इस मामले में राज्यसभा सभापति को एक पत्र भेजने की तैयारी में है।
कार्रवाई की मांग करेंगे
पार्टी सूत्रों ने बताया कि उच्च सदन में मुख्य सचेतक एनडी गुप्ता, राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के खिलाफ राज्यसभा सभापति को एक पत्र सौंपेंगे। गुप्ता अपने पत्र में दलबदल विरोधी कानून के तहत इन नेताओं पर कार्रवाई की मांग करेंगे। इन 3 नेताओं को सार्वजनिक रूप से बीजेपी में शामिल होते देखा गया था। बाकी चार नेताओं को सार्वजनिक तौर पर ऐसा करते हुए नहीं देखा गया। इसलिए, मुख्य सचेतक बीजेपी कार्यालय में देखे गए तीन सांसदों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे।
संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला दिया
आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने भी घोषणा की थी कि वे राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन तीन सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे। इसके लिए उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला दिया, जिसमें दलबदल के आधार पर अयोग्यता के प्रावधानों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
बीजेपी के प्रति नरम रुख रखने का आरोप
बता दें कि आम आदमी पार्टी के बीच खुला मतभेद तब सामने आया जब नेतृत्व ने चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया। इसके बाद पार्टी के कई नेताओं ने उन पर हमला बोला और उन पर बीजेपी के प्रति नरम रुख रखने का आरोप लगाया। उनकी जगह उप नेता बनाए गए अशोक मित्तल ने भी संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल के साथ बीजेपी में शामिल हो गए।




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