बच्चों की सुरक्षा पर कैसे रहेगी नजर; दिल्ली में MCD के स्कूलों को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट, शाहदरा का बुरा हाल
अधिकारियों ने बताया कि जिन स्कूलों में अभी भी पर्याप्त संख्या में कैमरे नहीं लगे हैं, वहां नगर निगम अप्रैल महीने से कैमरे लगाना शुरू कर देगा। उन्होंने बताया कि कैमरे लगाने के इस अभियान का खर्च शिक्षा विभाग के मौजूदा बजट से उठाया जाएगा, जो मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 3,264.84 करोड़ रुपए है।

दिल्ली में नगर निगम (MCD) द्वारा संचालित स्कूलों को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है, जिसने इन स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक आधिकारिक रिपोर्ट से पता चला है कि, दिल्ली नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे इन स्कूलों में लगे कुल CCTV कैमरों में से लगभग 21 प्रतिशत कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम AMC (सालाना मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) के जरिए इस समस्या को हल करने की योजना बना रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली के 12 जोन में मौजूद MCD के स्कूलों में कुल 3,202 कैमरे लगे हुए हैं, जिनमें से फिलहाल लगभग 21.3 प्रतिशत यानी 682 कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा कैमरे शाहदरा नॉर्थ जोन के स्कूलों में खराब पड़े हैं, यहां 242 कैमरों में से सिर्फ 39 ही काम कर रहे हैं।
शाहदरा साउथ जोन
सिर्फ़ एक CCTV कैमरा लगा है, जो काम कर रहा है।
शाहदरा सेंट्रल जोन
यहां 987 कैमरे लगे हैं, इनमें से 700 काम कर रहे हैं, जबकि 287 काम नहीं कर रहे हैं।
सिटी SP जोन
यहां लगे सभी 21 CCTV कैमरे काम कर रहे हैं।
सिविल लाइंस इलाका
यहां के स्कूल में लगे 13 कैमरों में से सिर्फ 4 ही काम कर रहे हैं।
करोल बाग जोन
यहां लगे 148 कैमरों में से 99 काम कर रहे हैं, जबकि 49 काम नहीं कर रहे हैं।
केशव पुरम
यहां के स्कूलों में कुल 139 कैमरे लगे हैं, जिनमें से 129 काम कर रहे हैं।
नरेला
यहां स्कूलों में लगे 104 कैमरों में से 82 काम कर रहे हैं, जबकि 22 काम नहीं कर रहे हैं।
नजफगढ़ जोन
यहां के MCD स्कूलों में सबसे ज्यादा 1,164 CCTV लगे हैं, जिनमें से सिर्फ 45 काम नहीं कर रहे हैं, बाकी 1,119 काम कर रहे हैं।
रोहिणी
यहां लगे 153 कैमरों में से 111 काम कर रहे हैं, जबकि 42 खराब पड़े हैं।
साउथ जोन
यहां 115 कैमरे लगे हैं, जिनमें से 104 काम कर रहे हैं और 11 काम नहीं कर रहे हैं।
वेस्ट जोन
यहां पर स्कूलों में लगे कैमरों की संख्या 115 है, जिनमें से 111 काम कर रहे हैं, जबकि 4 काम नहीं कर रहे हैं।
खराब पड़े कैमरों को सुधारने MCD करेगा AMC
इस बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा, 'हम स्कूलों में खराब पड़े हर कैमरे के लिए AMC (सालाना मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) लेंगे। इसे इस साल हमारे बजट में शामिल किया गया है और इसे तय खर्च के अंदर ही समायोजित किया जाएगा।' बता दें कि स्कूलों में खराब पड़े कैमरों का डेटा दो साल से भी ज़्यादा समय बाद आया है।
AAP ने किया था 10,786 CCTV लगाने का वादा
दिसंबर 2023 में AAP के नेतृत्व वाली MCD ने घोषणा की थी कि वह अपने द्वारा चलाए जा रहे 786 स्कूलों में 10,786 CCTV कैमरे लगाएगी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 25 करोड़ रुपए होगी। इस योजना के तहत, सुरक्षा और निगरानी को मज़बूत करने के लिए हर स्कूल में 10 इंटरनेट-सुविधा वाले वैंडल डोम कैमरे और पांच बुलेट कैमरे लगाए जाने थे। हालांकि ताजा रिपोर्ट से पता चला है कि कई स्कूलों में अभी भी कैमरों की पर्याप्त कवरेज नहीं है।
3264.84 करोड़ से लगाए जाएंगे कैमरे
इस बारे में बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि जिन स्कूलों में अभी भी पर्याप्त संख्या में कैमरे नहीं लगे हैं, वहां नगर निगम अप्रैल महीने से कैमरे लगाना शुरू कर देगा। उन्होंने बताया कि कैमरे लगाने के इस अभियान का खर्च शिक्षा विभाग के मौजूदा बजट से उठाया जाएगा, जो मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 3,264.84 करोड़ रुपए है।




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