रेखा गुप्ता सरकार गरीबों को देगी घर, जल्द सौंपेगी सावदा घेवरा में बने 6476 EWS फ्लैटों की चाबी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि जल्द ही राजधानी के 6476 गरीब परिवारों को सावदा में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैटों की चाबी दी जाएगी। सावदा घेवरा ईडब्ल्यूएस आवासीय कॉलोनी करीब 37.81 एकड़ में बसाई गई है। यहां कुल 7,620 आवासीय इकाइयों का निर्माण वर्ष 2020 तक किया गया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि जल्द ही राजधानी के 6476 गरीब परिवारों को सावदा में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैटों की चाबी दी जाएगी। सीएम ने कहा कि सावदा घेवरा ईडब्ल्यूएस आवासीय कॉलोनी लगभग 37.81 एकड़ भूमि में विकसित की गई है। यहां कुल 7,620 आवासीय इकाइयों का निर्माण वर्ष 2020 तक किया गया है, जिनमें से 6,476 आवास अभी खाली हैं। पूर्व सरकारों ने इस कॉलोनी में गरीबों को बसाने में रुचि नहीं दिखाई, जिस कारण अधिकतर फ्लैटों को मरम्मत की जरूरत है। इन फ्लैटों की मरम्मत कर जल्द उन्हें गरीबों को सौंपा जाएगा।
बुनियादी सुविधाओं का विकास हो रहा : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि यहां बड़े पैमाने पर आबादी को बसाने की क्षमता है, लेकिन इसके लिए जरूरी सामाजिक और सामुदायिक सुविधाओं का समयबद्ध विकास आवश्यक है। अब यहां बुनियादी सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार चाहती है कि गरीब परिवारों को ऐसी कॉलोनियों में बसाया जाए, जहां उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जल आपूर्ति, हरित क्षेत्र और आजीविका से जुड़ी सभी बुनियादी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) की मौजूदा ईडब्ल्यूएस आवासीय कॉलोनियों में सामुदायिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सावदा घेवरा में हरित क्षेत्रों और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए 39 आवासीय पार्क विकसित किए गए हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल 22 हजार वर्ग मीटर से अधिक है। इसके साथ ही दो भूमिगत जल टैंक, बूस्टर स्टेशन और ओवरहेड वाटर टैंक की व्यवस्था की गई है, जिससे जल आपूर्ति को स्थायी और सुचारु बनाया जा सके।
यहां दो प्राइमरी स्कूलों में से एक का निर्माण पूरा हुआ है। इसी तरह एक डिस्पेंसरी या अस्पताल भी प्रस्तावित है।
अगले वर्ष से मिलेंगे फ्लैट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार सावदा घेवरा में गरीबों के लिए मकान बनाने की शुरुआत वर्ष 2012 में शुरू हुई। वर्ष 2020 तक इनका निर्माण पूरा कर लिया गया। यहां कुल 7,620 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनमें से 6,476 आवास अभी रिक्त हैं। मुख्यमंत्री ने इनमें से 2500 खाली फ्लैटों की मरम्मत के लिए 27.50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, ताकि इन्हें बसाने योग्य बनाया जा सके। उम्मीद की जा रही है कि अगले वर्ष सुविधाओं से लैस इन फ्लैट्स का आवंटन शुरू कर दिया जाएगा। बाकी बचे फ्लैटों का मरम्मत कार्य अगले चरण में किया जाएगा।




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