728 करोड़ से संवरेगा दिल्ली का यमुना पार क्षेत्र, रेखा सरकार ने मंजूर की विकास योजनाएं
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बोर्ड को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया गया था, जिसकी वजह से यमुनापार का विकास पूरी तरह ठप हो गया था और क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

दिल्ली की एक तिहाई आबादी वाले यमुनापार क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री ने गुरुवार को यहां के लिए करीब 728 करोड़ रुपए की योजनाओं को पारित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई यमुनापार क्षेत्र विकास बोर्ड (TYADB) की बैठक इन योजनाओं को पारित किया गया। इस बैठक में इलाके की विकास की गति को भी प्रभावी रूप से बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की एक तिहाई आबादी वाले यमुनापार के विकास के लिए बजट में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही, बोर्ड के सदस्यों को निर्देश दिया कि आवश्यकता के आधार पर योजनाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सीएम बोलीं- विकास कार्यों में संतुलन बेहद जरूरी
दिल्ली सचिवालय में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ट्रांस-यमुना क्षेत्र का विकास दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का लक्ष्य यमुनापार को इतना विकसित करना है कि लोग यहां आना और यहां रहना स्वयं पसंद करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में संतुलन बेहद जरूरी है। केवल सौंदर्यीकरण ही नहीं, बल्कि नागरिकों की बुनियादी आवश्यकताओं जैसे सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, जलभराव की समस्या और सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
'पिछली सरकार में यमुनापार का विकास ठप हुआ'
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी चिंता जताई कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बोर्ड को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया गया था, जिसकी वजह से यमुनापार का विकास पूरी तरह ठप हो गया था और क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने जितने भी कामों की संस्तुति की है, वे सभी कार्य करवाए जाएंगे और इसके लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगामी मॉनसून सीजन को ध्यान में रखते हुए खराब सड़कों, ड्रेनेज और जलभराव की समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं, उनकी स्थिति में तत्काल सुधार आवश्यक है ताकि आम जनता को असुविधा और दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
मिश्रा ने ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया
इस बैठक में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, यमुनापार क्षेत्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष व विधायक अरविंदर सिंह लवली सहित बोर्ड के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री गुप्ता द्वारा इस बोर्ड को पुनः सक्रिय करना यमुनापार के विकास की दिशा में ऐतिहासिक और निर्णायक कदम है। लंबे समय तक यमुनापार को विकास से वंचित रखा गया, जबकि यहां की आबादी और आवश्यकताएं लगातार बढ़ती रहीं। अब इस असंतुलन को दूर करने का ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
'कॉमनवेल्थ गेम्स के जैसा होगा इलाके का विकास'
मिश्रा ने कहा कि जिस स्तर पर कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान दिल्ली के कुछ हिस्सों में बुनियादी ढांचे का विकास हुआ था, उसी स्तर का विकास अब यमुनापार क्षेत्र में भी किया जाएगा। सड़कों, ड्रेनेज, सार्वजनिक सुविधाओं और पर्यटन से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि यमुनापार क्षेत्र दिल्ली के प्रमुख विकसित क्षेत्रों में शामिल हो सके।
वहीं बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यमुनापार क्षेत्र के विकास के लिए सभी विधायकों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक प्रयास यमुनापार क्षेत्र की बुनियादी तस्वीर बदलने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में इन प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।




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