Red Fort Blast Case 7500 Page Charge Sheet Filed by NIA 10 Accused लाल किला विस्फोट मामले में 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, NIA ने 10 लोगों को बनाया आरोपी, Ncr Hindi News - Hindustan
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लाल किला विस्फोट मामले में 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, NIA ने 10 लोगों को बनाया आरोपी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पिछले साल लाल किला के पास हुए कार बम धमाके मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 7500 पन्नों के इस चार्जशीट में 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी। पटियाला हाउस कोर्ट ने चार्जशीट पर विचार करने के लिए चार जून का दिन निर्धारित किया है।

Thu, 14 May 2026 01:43 PMSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लाल किला विस्फोट मामले में 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, NIA ने 10 लोगों को बनाया आरोपी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पिछले साल लाल किला के पास हुए कार बम धमाके मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। 7500 पन्नों के इस चार्जशीट में 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। पटियाला हाउस कोर्ट ने चार्जशीट पर विचार करने के लिए चार जून का दिन निर्धारित किया है।

पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लालकिला कार बम धमाका मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया है। एनआईए के मुताबिक, पिछले साल 10 नवंबर को हुए इस हमले को हाई-इंटेंसिटी व्हीकल-बोर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (वीबीआईईडी) के जरिए अंजाम दिया गया था।

जांच में सामने आया है कि सभी दस आरोपी आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े थे, जो अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) का सहयोगी संगठन बताया गया है। गृह मंत्रालय ने जून 2018 में एक्यूआईएस और उससे जुड़े सभी संगठनों को आतंकी संगठन घोषित किया था।

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इन आरोपियों को किया है नामजद

आरोपपत्र में मुख्य आरोपी पुलवामा निवासी डॉ. उमर उन नबी का नाम शामिल है, जिसकी बम धमाके में ही मौत हो गई थी। जांच में पता चला है कि डॉ. नबी पहले हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। एजेंसी ने उसके खिलाफ मामला मृत्यु के कारण समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। नबी के अलावा अन्य आरोपियों में आमिर राशिद मीर, जसीर बिलाल वानी, डॉ. मुजामिल शकील, डॉ. अदील अहमद राठर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, शोएब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार शामिल हैं।

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588 गवाह, 395 से अधिक दस्तावेज

एनआईए ने यह आरोपपत्र गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, शस्त्र अधिनियम 1959 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल किया है। बम धमाके के बाद मामले की जांच देश के कई राज्यों जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर में की गई थी। इसमें 588 गवाहों के बयान, 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है।

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शुरू किया था ऑपरेशन हेवनली हिंद

जांच में एक बड़े आतंकी साजिश का खुलासा हुआ है। एनआईए के मुताबिक, कुछ आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर इस हमले में शामिल हुए थे। साल 2022 में श्रीनगर में एक गुप्त बैठक के दौरान आरोपियों ने अफगानिस्तान जाने की असफल कोशिश के बाद 'अंसार गजवत-उल-हिंद इंतरिम' नाम से संगठन को दोबारा सक्रिय किया था। इसके तहत 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' शुरू किया गया, जिसका मकसद लोकतांत्रिक सरकार को गिराकर शरीयत कानून लागू करना था। एजेंसी के मुताबिक, इस ऑपरेशन के तहत आरोपियों ने नए लोगों की भर्ती की, कट्टर विचारधारा का प्रचार किया, हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा किए और बाजार में आसानी से मिलने वाले रसायन से बड़े पैमाने पर विस्फोटक तैयार किए।

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रॉकेट-ड्रोन के जरिए किए हमले के प्रयोग

जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने अलग-अलग तरह के आईईडी बनाए और उनका परीक्षण किया। हमले में इस्तेमाल विस्फोटक ट्राइएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड (टीएटीपी) था, जिसे आरोपियों ने गुप्त तरीके से सामग्री जुटाकर और कई प्रयोग करके तैयार किया था। एनआईए ने दिल्ली पुलिस से केस अपने हाथ में लेने के बाद डीएनए जांच के जरिए मृत मुख्य आरोपी की पहचान की पुष्टि की। घटना स्थल और अन्य स्थानों से जुटाए गए सबूतों की फॉरेंसिक जांच और वॉयस एनालिसिस भी किया गया।

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फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी अवैध रूप से हथियार जुटा रहे थे, जिनमें एके-47 राइफल, क्रिंकोव राइफल और देसी पिस्टल शामिल हैं। वे रॉकेट और ड्रोन के जरिए आईईडी हमले करने के प्रयोग भी कर रहे थे, जिनका निशाना सुरक्षा प्रतिष्ठान थे। इसके अलावा उन्होंने एमएमओ एनोड, इलेक्ट्रिक सर्किट और स्विच जैसे विशेष लैब उपकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से खरीदे थे। एनआईए के अनुसार, आरोपियों की योजना देश के अन्य हिस्सों में भी आतंकी गतिविधियां फैलाने की थी, लेकिन समय रहते इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया गया। अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

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