दिल्ली में डॉक्टर निकला करोड़ों का ठग, डेंटिस्ट मजहर खान को 7 महीने बाद क्राइम ब्रांच ने दबोचा
दिल्ली में डेंटिस्ट ही करोड़ों का ठग निकला। सात महीने बाद क्राइम ब्रांच ने उसे दबोचा। आरोप है कि उसने एक ही प्राइम प्रॉपर्टी के नाम पर कई लोगों से ठगी की।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे शातिर प्रॉपर्टी ठग को गिरफ्तार किया है, जो पेशे से डेंटिस्ट है और इलाके में ‘डॉक्टर साहब’ के नाम से मशहूर था। आरोपी ने अपनी पढ़ाई और सामाजिक छवि का फायदा उठाकर कई लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर ली। इसने एक प्राइम प्रॉपर्टी को अलग-अलग लोगों के पास गिरवी रखा।
क्राइम ब्रांच की टीम ने सात महीने से फरार चल रहे घोषित अपराधी मजहर खान (44) को उत्तर प्रदेश के गणेशपुर टोल प्लाजा, देहरादून के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी उत्तर-पूर्वी दिल्ली के यमुना विहार का रहने वाला है।
एक ही प्रॉपर्टी अलग-अलग लोगों के पास गिरवीं रखी
पुलिस के अनुसार मजहर खान ने यमुना विहार स्थित एक प्राइम प्रॉपर्टी को अलग-अलग लोगों के पास बार-बार गिरवी रखकर ₹1 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की। हैरानी की बात यह है कि यह फ्लैट पहले से ही ICICI बैंक में मॉर्गेज था, लेकिन आरोपी ने यह जानकारी छिपाकर कई लोगों से पैसे ले लिए।
डॉक्टर की छवि का उठाया फायदा
जांच में सामने आया कि आरोपी ने बीडीएस और एमडीएस की पढ़ाई की हुई है। शुरुआत में वह खुरेजी इलाके में डेंटल प्रैक्टिस करता था, लेकिन बाद में प्रॉपर्टी कारोबार में उतर गया। इलाके में ‘डॉ. साहब’ के नाम से पहचान होने के कारण लोग आसानी से उस पर भरोसा कर लेते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को भरोसे में लेकर उन्हें सुरक्षित निवेश और प्रॉपर्टी डील का झांसा देता था। इसके बाद वही फ्लैट अलग-अलग लोगों को सुरक्षा के तौर पर दिखाकर उनसे रकम ऐंठ लेता था।
ऐसे हुआ खुलासा
मामले की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी निगरानी, वित्तीय लेन-देन और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए आरोपी तक पहुंच बनाई। एसीपी नरेंद्र सिंह की निगरानी में इंस्पेक्टर सुनील कुंडू, एचसी मोहित चौधरी, एचसी प्रिंस तोमर और एचसी विकास की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक काली हुंडई क्रेटा कार भी बरामद की है।
कई मुकदमों में वांछित
पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ दिल्ली में कई एफआईआर पहले से दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। इसके अलावा धमकी देने से जुड़े दो एनसीआर भी आरोपी से जुड़े हुए हैं।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से कई पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही उससे जुड़ी अन्य प्रॉपर्टी डील और आर्थिक अपराधों की भी जांच की जा रही है।




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