नोएडा में आगजनी, पलवल-फरीदाबाद में हंगामा; दिल्ली के आसपास सैलरी पर क्यों संग्राम
नोएडा में जहां एक कंपनी के बाहर सैकड़ों कर्मचारियों ने हिंसक प्रदर्शन किया तो दूसरी तरफ पलवल और फरीदाबाद में भी हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। दिल्ली के आसपास कई जगहों पर सोमवार को अचानक वेतन वृद्धि को लेकर हंगामा खड़ा हो गया।

दिल्ली से सटे नोएडा में सोमवार सुबह उस समय बड़ा बवाल खड़ा हो गया जब वेतन वृद्धि की मांग को लेकर एक कंपनी के सैकड़ों अस्थायी कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो उठा। नोएडा के फेज-2 में प्रदर्शनकारियों ने जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया तो उनकी वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पुलिस ने पहले बातचीत करके माहौल को संभालने की कोशिश की, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी तो आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज भी किया गया। शुरुआत में एक ही कंपनी के कर्चमारियों ने बवाल काटा लेकिन बाद में कुछ दूसरी कंपनियों के कर्चमारियों ने भी प्रदर्शन किया। नोएडा के अलावा पलवल में भी हजारों प्रदर्शनकारी सड़क पर उतरे।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर, नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र और ईकोटेक- प्रथम के औद्योगिक क्षेत्र में सुबह से ही मजदूरों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कई जगह पर श्रमिकों ने जाम लगाया और विभिन्न स्थानों पर उनकी पुलिस के साथ नोंक झोंक भी हुई।
लाइव हिन्दुस्तान से बातचीत में हिंसक प्रदर्शन करने वाले कुछ कर्मचारियों ने कहा कि लेबर कोड लागू नहीं किया जा रहा है और न्यूनतम मजदूरी में इजाफा नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों में से एक व्यक्ति ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि कंपनी का कहना है कि यदि पे स्केल बढ़ाया जाएगा तो फिर काम के घंटे भी 8 की बजाय 12 करने होंगे। यदि 12 घंटे काम करके ही पे स्केल बढ़ना है तो फिर यह इजाफा कैसे हुआ? उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन कंपनी की अलग-अलग यूनिट्स में काम करने वाले अस्थायी कर्मचारी कर रहे हैं। इनकी कुल संख्या 20 हजार के आसपास बताई जाती है। ये कर्चमारी एक दूसरे संगठन के नियोक्ता हैं और उस कंपनी में काम करते हैं।

कंपनी में अस्थायी रूप से काम करने वाले कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें नए कानून के मुताबिक पैसा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने वेतन में वृद्धि की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फेज-2 के अलावा नोएडा सेक्टर-62 और सेक्टर 15 में भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस वजह से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत नोएडा-गाजियाबाद के कई इलाकों में जाम लग गया। एक अन्य कंपनी के बाहर प्रदर्शनकारी महिला ने कहा, 'मैं 25 साल से यहां नौकरी करती हूं, लेकिन अभी भी वेतन 13 हजार रुपये ही है। वेतन में इजाफा करना चाहिए।' सेक्टर 62 में प्रदर्शन कर रही एक महिला कर्मचारी ने कहा कि उसे सूचना मिली थी कि वेतन में 20 हजार की वृद्ध होगी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
क्यों शांत कराने में दिक्कत
अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की कुछ बातें यहां के उद्योगपतियों ने मान ली है और उनसे शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त करने की अपील की जा रही है। मिश्र के अनुसार श्रमिक अलग-अलग जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं और कोई इनका नेतृत्व नहीं कर रहा है, इस वजह से श्रमिकों तक प्रशासन को अपनी बात पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने और पुलिस प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें तथा कानून व्यवस्था अपने हाथ में ना लें।

श्रमिकों को भड़काया गया?
एक औद्योगिक संगठन के पदाधिकारी ललित ठुकराल ने आरोप लगाया कि यह धरना प्रदर्शन प्रायोजित है और कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों को भड़काकर यह धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। उनके अनुसार श्रमिकों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है, इसके बावजूद भी श्रमिक काम पर नहीं लौट रहे हैं। जिलाधिकारी रूपम ने कहा कि उद्योगपतियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के नेताओं के साथ हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि शासन के दिशानिर्देश के अनुसार किसी भी श्रमिक को अनावश्यक रूप से सेवा से नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा तथा किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पलवल-फरीदाबाद में भी हंगामा
दिल्ली से सटे फरीदाबाद और पलवाल में भी कुछ कंपनियों के कर्मचारी सोमवार को सुबह सड़कों पर उतर आए। पलवल में पृथला के पास सोमवार सुबह एक निजी कंपनी की महिला कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे जाम कर दिया। जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। फरीदाबाद में भी एक निजी कंपनी के कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर कंपनी के बाहर सड़क जाम कर दी। यहां भी यातायात प्रभावित रहा और लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत शुरू करवाई।




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