दिल्ली सरकार के लिए बैंकर का काम करेगा RBI, ये होंगे 4 फायदे
दिल्ली की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ एक अहम समझौता किया है। इसके तहत आरबीआई दिल्ली सरकार के लिए बैंकर, ऋण प्रबंधक और वित्तीय एजेंट के रूप में काम करेगा।

दिल्ली की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को मूल रूप से सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत आरबीआई दिल्ली सरकार के लिए बैंकर, ऋण प्रबंधक और वित्तीय एजेंट के रूप में काम करेगा। इससे राज्य विकास ऋण के माध्यम से मार्केट बॉरोइंग, अतिरिक्त नकदी का स्वचालित निवेश, पेशेवर कैश मैनेजमेंट तथा कम लागत वाली तरलता सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक एमओयू पर भारतीय रिजर्व बैंक व दिल्ली सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) बिपुल पाठक ने हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस एमओयू को एक परिवर्तनकारी उपलब्धि और दीर्घकालिक सुधार बताया। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी होने के बावजूद दिल्ली वर्षों तक आरबीआई बैंकिंग व्यवस्था और बाजार से पारदर्शी उधारी के लाभ से वंचित रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने न तो अतिरिक्त सार्वजनिक धन का निवेश किया और न ही किफायती उधारी के विकल्प अपनाए। परिणामस्वरूप अतिरिक्त नकदी बिना निवेश के पड़ी रही, जिससे ब्याज की हानि हुई और उधारी ऊंची ब्याज दरों पर की गई। इसका बोझ अंततः जनता पर पड़ा। अब दिल्ली सरकार का हर एक रुपया जनता के लिए काम करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह व्यापक वित्तीय सुधार केंद्र सरकार के साथ निरंतर संवाद का परिणाम है।
एमओयू के अंतर्गत प्रमुख वित्तीय परिवर्तन
1 अतिरिक्त नकदी का स्वचालित निवेश
दिल्ली सरकार के पास उपलब्ध अतिरिक्त नकदी का प्रतिदिन आरबीआई के माध्यम से स्वचालित निवेश किया जाएगा, जिससे ब्याज आय सुनिश्चित होगी।
2 आरबीआई से कम लागत वाली तरलता सुविधा
दिल्ली सरकार को अब वेज एंड मीन्स एडवांस और स्पेशल ड्राइंग फैसिलिटी के माध्यम से आरबीआई से कम ब्याज पर ऋण मिलेगा। जिससे नकद का प्रबंधन होगा।
3 कम ब्याज दर पर बाजार से उधारी ले सकेंगे
पहली बार दिल्ली सरकार लगभग 7% की प्रतिस्पर्धी ब्याज दर पर खुले बाजार से उधारी कर सकेगी, जिससे पूर्व में 13% की ऊंची दरों पर ली जाने वाली उधारी से मुक्ति मिलेगी।
4 बैंकिंग प्रणाली से पूर्ण एकीकरण
इस एमओयू के साथ दिल्ली अब अन्य राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के समान आरबीआई की पेशेवर बैंकिंग और ऋण प्रबंधन सेवाओं का लाभ उठा सकेगी।




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