उन्हें यह पता है रिश्वत कैसे देना है, किसी को कैसे खरीदना है, लेकिन..; AAP सांसदों के पाला बदलने पर बोले सिब्बल
राघव चड्ढा के अलावा पार्टी के छह अन्य सांसद संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

आम आदमी पार्टी में शुक्रवार को हुई फूट को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल का कहना है कि जिन लोगों ने खुद का भाजपा में विलय किया है, उन्हें भी शायद यह नहीं पता होगा कि यह सही है या गलत। सिब्बल ने कहा कि उन्हें यह तो पता है कि किसी को रिश्वत कैसे देना है, उन्हें कैसे खरीदना है, लेकिन संविधान के अनुसार यह कितना असंवैधानिक है, उन्हें शायद यह नहीं पता होगा।
इस बारे में ANI से बात करते हुए सिब्बल ने कहा, ‘शुक्रवार को एक बहुत ही दिलचस्प खबर आपने सुनी कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 लोगों ने यह तय कर लिया कि अब हम भारतीय जनता पार्टी के साथ विलय करेंगे। अब शायद ना भाजपा को और ना ही इन 7 लोगों को संविधान की ज्यादा समझ है, ऐसा मुझे लगता है। इन लोगों को खुद नहीं पता होगा कि विलय का मतलब क्या होता है।’
'मुझे नहीं लगता कि इन लोगों को कुछ पता है'
आगे उन्होंने कहा, ‘इतना इनको पता है कि किस तरह से किसी को खरीदना है, किस तरह से लोभ देना है, इस पर तो उनकी पूरी जानकारी है। लेकिन संविधान के अनुसार यह सही है या गलत है, असंवैधानिक है या नहीं, मैं समझता हूं कि ये बात ना इनको मालूम है, ना भाजपा को मालूम है और ना ही उन लोगों को जो इससे सहमत होंगे।’
AAP छोड़ने के एक दिन बाद केजरीवाल पर साधा निशाना
उधर भाजपा में शामिल होने के बाद शनिवार को राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एकबार फिर AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला और कहा, 'आज हर वो सच्चा देशभक्त आदमी जिसने आम आदमी पार्टी को अपने खून पसीने से सींचा, और जो बड़ी उम्मीदों के साथ आम आदमी पार्टी से जुड़ा था, आज हर वो व्यक्ति या तो आम आदमी पार्टी को छोड़ चुका है, या छोड़ रहा है। क्योंकि हर ईमानदार व मेहनतकश आदमी को लगता है कि अब आम आदमी पार्टी में काम करने की जगह नहीं बची है और यह पार्टी अब एक ऐसे गलत रास्ते पर चल रही है, जिससे कोई अपना नाता नहीं रखना चाहता। इसी के चलते एक-एक करके तमाम लीडर्स ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया है।'
आगे उन्हो 'मैं सोचता हूं कि जब सड़कों और मोहल्लों में लोग आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं से 'शीश महल' के बारे में सवाल पूछेंगे, तो पार्टी के जो गिने-चुने अच्छे कार्यकर्ता बचे हैं, वे इसका क्या जवाब देंगे? आम आदमी पार्टी को इस पर आत्ममंथन करना चाहिए और सोचना चाहिए।'
AAP के दो तिहाई राज्यसभा सांसदों ने बदला पाला
बता दें कि एक दिन पहले राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के कुल 7 राज्यसभा सांसदों ने पाला बदलते हुए भारतीय जनता पार्टी में अपना विलय कर लिया था। राज्यसभा में पार्टी के कुल 10 सांसद थे, इनमें से दो तिहाई यानी 7 सांसदों ने पाला बदला, इस वजह से उनके दल-बदल कानून की जद में आने से बचने की पूरी संभावना है।
राघव चड्ढा के अलावा पार्टी के छह अन्य सांसदों संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय करने की जानकारी राज्यसभा के सभापति को दी थी।
आम आदमी पार्टी ने बताया सातों सांसदों को गद्दार
इस बारे में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चड्ढा ने कहा था कि वे सभी भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक गई है। इसके बाद आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भाजपा पर पार्टी सांसदों को तोड़ने के लिए 'ऑपरेशन लोटस' शुरू करने और पंजाब में मान सरकार के अच्छे कार्यों को रोकने की साजिश रचने का आरोप लगाया। जबकि राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले सातों सांसदों को 'गद्दार' करार दिया।




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