राजनगर एक्सटेंशन एलिवेटेड रोड पर दिल्ली के लिए प्रवेश-निकास मार्ग बनेगा, एक लाख वाहनों को फायदा
राजनगर एक्सटेंशन एलिवेटेड रोड पर दिल्ली के लिए प्रवेश और दिल्ली से आते समय निकास बनाने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश शासन की व्यय वित्त समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूर कर 92 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इससे करीब एक लाख वाहन चालकों को राहत मिलेगी।

राजनगर एक्सटेंशन एलिवेटेड रोड पर दिल्ली के लिए प्रवेश और दिल्ली से आते समय निकास बनाने का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश शासन की व्यय वित्त समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूर कर 92 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इससे करीब एक लाख वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
वसुंधरा में एम्स का सेटेलाइट सेंटर बनाने के लिए जमीन चिह्नित हुई है। इसके बाद ही आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने बीते साल निरीक्षण कर एलिवेटेड रोड पर प्रवेश व निकास के लिए अतिरिक्त रैंप और सिद्धार्थ विहार को ट्रांस हिंडन से जोड़ने के लिए हिंडन बैराज के पास चार लेन का पुल बनाने के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा था।
बीते दिनों आवास आयुक्त ने हिंडन बैराज के पास चार लेन का पुल बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया था। वहीं, एलिवेटेड रोड के रैंप के लिए जीडीए और आवास एवं विकास परिषद ने संयुक्त रूप से सर्वे कर प्रस्ताव बनाया था। 10 किलोमीटर से अधिक लंबा एलिवेटेड रोड यूपी गेट पर सीधे दिल्ली तक पहुंचाता है।
दिल्ली जाते समय इंदिरापुरम में निकास और वसुंधरा से गाजियाबाद की ओर प्रवेश की सुविधा अभी है। परिषद के अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल ने बताया कि एलिवेटेड रोड पर इंदिरापुरम से दिल्ली जाने के लिए सीधे प्रवेश और दिल्ली से आते समय वसुंधरा में निकास की सुविधा नहीं है। एम्स का सेटेलाइट सेंटर बनने से इन दोनों की जरूरत काफी अधिक होगी, क्योंकि यहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी मरीज आएंगे।
एलिवेटेड रोड को चालू हुए आठ साल का समय हो चुका है, लेकिन इस पर अब भी वाहनों का दबाव काफी कम है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि इसीलिए रैंप बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे मंगलवार को मंजूरी मिल गई है।
शासन के निर्देश पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कार्य पूरा होने से इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, सिद्धार्थ विहार, प्रताप विहार व राजनगर एक्सटेंशन के करीब एक लाख वाहन चालकों को राहत मिलेगी।




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