राघव चड्ढा, हरभजन सिंह से नए डिप्टी लीडर तक, कौन-कौन छोड़ गया AAP; 7 में एक तो केजरीवाल का सबसे खास
आम आदमी पार्टी (आप) को बहुत बड़ा झटका लगा है। पार्टी के संसदीय दल में टूट हो गई है। राज्यसभा में 10 में से 7 सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़ दी है और भाजपा में विलय कर लिया है। राघव चड्ढा के अलावा हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल ने भी भाजपा जॉइन कर ली है।

आम आदमी पार्टी (आप) को बहुत बड़ा झटका लगा है। पार्टी के संसदीय दल में टूट हो गई है। राज्यसभा में 10 में से 7 सांसदों ने एक साथ पार्टी छोड़ दी है और भाजपा में विलय कर लिया है। राघव चड्ढा के अलावा हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल ने भी भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली है। 'आप' के लिए सबसे बड़ा झटका यह है कि वह अशोक मित्तल भी भाजपा में चले गए हैं, जिन्हें राघव चड्ढा को हटाकर राज्यसभा में डिप्टी लीडर की कुर्सी दी थी। इनके अलावा संगठन महाचिव और अरविंद केजरीवाल के इन दिनों सबसे बड़े रणनीतिकार रहे संदीप पाठक ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।
दिल्ली में सत्ता गंवाने के बाद पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी में हुई इस टूट को अरविंद केजरीवाल को लगा अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी है उनमें से अधिकतर पंजाब से आते हैं और पार्टी में उनकी बड़ी भूमिका थी। यह वजह है कि पार्टी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में इन सांसदों को पंजाब का गद्दार बताया।
राघव चड्ढा ने कहा- 7 के अलावा और भी हैं संपर्क में
राघव चड्ढा ने 'आप' में टूट का ऐलान करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 10 सांसद हैं। दो तिहाई से ज्यादा सांसद इस मुहिम में हमारे साथ हैं। उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं। हमने राज्यसभा के सभापति को लेटर दे दिए हैं।' संदीप पाठक, अशोक मित्तल के साथ पीसी में आए चड्ढा ने कहा कि उनके साथ हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल भी भाजपा में जा रहे हैं। इसके अलावा यह कहकर भी केजरीवाल की बेचैनी बढ़ाने की कोशिश की है कि इन सात के अलावा और भी लोग उनके संपर्क में हैं।
तीन का पहले से था अनुमान
जिन सात सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा है उनमें से तीन के लिए तो ऐसा कदम पहले से अनुमानित था। राघव चड्ढा और आप के बीच मनमुटाव की खबरें सार्वजनिक हो चुकी थी। इस महीने की शुरुआत में जब उन्हें डिप्टी लीडर के पद से हटाया गया तो यह माना गया कि किसी भी दिन चड्ढा केजरीवाल का साथ छोड़ सकते हैं। हरभजन सिंह भी लंबे समय से पार्टी की गतिविधियों पर चुप थे। स्वाति मालीवाल की बगावत की लंबी कहानी सब जानते ही थे।
संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने चौंकाया
आप में हुई इस बड़ी टूट में दो नामों को देखकर खुद अरविंद केजरीवाल भी बेहद हैरान होंगे। अशोक मित्तल वही शख्स हैं जिन्हें राघव चड्ढा की जगह पार्टी ने डिप्टी लीडर बनाया था। वहीं, संदीप पाठक को हाल के समय में अरविंद केजरीवाल का सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार बताया जा रहा था। वह पार्टी की विस्तार योजनाओं पर काम कर रहे थे। पार्टी में इस टूट पर प्रतिक्रिया देने आए राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह यह सब देखकर बहुत व्यथित हैं। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को पंजाब का गद्दार संबोधित करते हुए याद दिलाया कि किस तरह इन लोगों पर अरविंद केजरीवाल ने भरोसा जताया और बड़ी जिम्मेदरी दी थी। अशोक मित्तल के भाजपा में जाने को लेकर उन्होंने याद दिलाया हाल ही में उनके ठिकानों पर ईडी का छापा पड़ा था।




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