खुद को गैंगस्टर समझ अपना गिरोह बनाने की कोशिश कर रहा था DU का छात्र, हथियारों समेत दबोचा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी छात्र ने पूछताछ में बताया कि उसने उत्तर प्रदेश के मेरठ से अवैध हथियार प्राप्त किए थे और इन हथियारों का इस्तेमाल प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से बदला लेने के लिए किया जाना था।

दिल्ली पुलिस ने कथित रूप से अपना गिरोह बनाने की कोशिश में लगे दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के एक छात्र को गिरफ्तार किया है और उसके पास से पिस्तौलें और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान अबू तालिब के तौर पर हुई है, जो इलाके में दबदबा कायम करने के लिए अपना गिरोह बनाने की जुगत में था। अधिकारी के मुताबिक, पुलिस को मंगलवार को सूचना मिली कि शाहदरा के भोलानाथ नगर निवासी तालिब प्रतिद्वंद्वी गिरोह से बदला देने के लिए अवैध हथियार जमा कर रहा है।
आरोपी छात्र से कई हथियार बरामद
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पकंज कुमार ने बताया कि इसके बाद एक टीम ने भोलानाथ नगर स्थित परिसर पर छापा मारा और इस दौरान दो पिस्तौल, एक देसी कट्टा, 23 कारतूस, और कारतूस के 11 खोखे बरामद किए हैं।
मेरठ से खरीदकर लाया था अवैध हथियार
डीसीपी के मुताबिक, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसने पूछताछ में बताया कि उसने उत्तर प्रदेश के मेरठ से अवैध हथियार प्राप्त किए थे और इन हथियारों का इस्तेमाल प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से बदला लेने के लिए किया जाना था।
मामला दर्ज, हथियार पहुंचाने वाले का पता लगाया जा रहा
कुमार ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय की दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस लर्निंग) शाखा से बीए (द्वितीय) की पढ़ाई कर रहे आरोपी के खिलाफ फर्श बाजार थाने में एक आपराधिक मामला दर्ज है। डीसीपी ने कहा कि हथियार बरामदगी के सिलसिले में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे हथियार पहुंचाने वाले मुख्य आपूर्तिकर्ता का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।
द्वारका में दो वांटेड अपराधी गिरफ्तार
उधर एक अन्य मामले में दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के द्वारका में हत्या की कोशिश के मामले में वांछित दो आदतन अपराधियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस बारे में जानकारी देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के नाम जतिन शर्मा (27) और पवन भंडारी (26) हैं, जो कि विक्की टक्कर गिरोह से जुड़े हुए हैं और आठ अप्रैल को डाबरी इलाके में एक व्यक्ति को चाकू से वार कर गंभीर रूप से जख्मी करने की वारदात में शामिल थे।
आरोपियों ने पैसों की मांग करते हुए धमकाया था
द्वारका के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह (डीसीपी) ने कहा कि पीड़ित के बयान के बाद मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान शर्मा और भंडारी की मुख्य आरोपी के रूप में पहचान हुई। पीड़ित ने बाद में पुलिस को बताया कि दोनों ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसे इलाके में दुकान चलानी है तो उसे आरोपियों को पैसे देने होंगे।
रोकने पर गोली चलाई, बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी
पुलिस ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर, एक टीम ने गुरुवार देर रात धुलसिरास चौक के पास जाल बिछाया और आरोपियों को देर रात 2.10 बजे उस समय रोक लिया, जब वे नजफगढ़ की तरफ से स्कूटर पर आ रहे थे। अधिकारी ने बताया, 'जब शर्मा को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, तो उसने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोली चलाई और एक गोली कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी जिससे वह बाल-बाल बच गया।'
जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया आरोपी जतिन शर्मा
उन्होंने बताया कि इसके जवाब में कांस्टेबल ने आत्मरक्षा में दो गोलियां चलाईं और एक गोली शर्मा के पैर में लगी। बाद में, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से एक पिस्तौल, एक देसी कट्टा, कारतूस और कारतूस के खाली खोखे और एक चोरी का स्कूटर बरामद किया।




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