दिल्ली की बसों में कब से बंद होगा गुलाबी टिकट, फ्री यात्रा के लिए पिंक सहेली कार्ड होना जरूरी
Pink Saheli Card News : दिल्ली में महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त सफर की सुविधा अब एक नए डिजिटल अवतार में बदलने जा रही है। जुलाई से 'पिंक टिकट' की जगह 'पिंक सहेली कार्ड' अनिवार्य होने वाला है।

दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त सफर करने वाली महिलाओं के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दिल्ली सरकार जुलाई महीने से 2019 में शुरू की गई मौजूदा 'पिंक टिकट' व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने जा रही है। इसके बाद फ्री यात्रा का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को 'पिंक सहेली कार्ड' (Pink Saheli Card) का उपयोग अनिवार्य होगा।
क्यों बदला जा रहा है सिस्टम?
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठाने वाली महिलाओं को बसों में चढ़ते समय अपने पिंक कार्ड टैप करने होंगे, ताकि उनकी यात्रा डिजिटल रूप से दर्ज हो सके। सरकार का उद्देश्य इस सब्सिडी योजना को डिजिटल बनाना और इसे केंद्र सरकार की 'वन नेशन, वन कार्ड' पहल के तहत ‘नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (NCMC) से जोड़ना है। स्मार्ट कार्ड के इस्तेमाल से यात्रा का डेटा डिजिटल रूप से दर्ज होगा, जिससे सब्सिडी के वितरण में पारदर्शिता आएगी और टिकटों के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।
मार्च में लॉन्च हुई थी योजना
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बीते 2 मार्च को 'पिंक सहेली कार्ड' पहल की शुरुआत की थी। उसी महीने रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद से शहर के 58 केंद्रों से करीब 6 लाख महिला यात्रियों ने अपने पिंक सहेली कार्ड प्राप्त कर लिए हैं। हालांकि, इसका इस्तेमाल अभी भी कम है। फिलहाल केवल 5% से 6% कार्डधारक ही यात्रा के दौरान इसका उपयोग कर रही हैं। हर दिन 10 लाख से अधिक महिलाएं डीटीसी और क्लस्टर बसों से सफर करती हैं और उनमें से कई महिलाएं एक से अधिक बार यात्रा करती हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "ज्यादातर यात्री अब भी पिंक टिकट सिस्टम पर ही निर्भर हैं, क्योंकि कार्ड के साथ-साथ यह अभी भी काम कर रहा है। सरकार चाहती है कि अनिवार्य प्रणाली लागू होने से पहले यात्री धीरे-धीरे डिजिटल माध्यम अपना लें।''
जुलाई से सख्ती, अभी जागरूकता
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए फिलहाल जान-बूझकर अभी सख्ती नहीं की जा रही है, लेकिन जुलाई से इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके लिए अगले कुछ हफ्तों में बसों और डिपो पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को पता चल सके कि कार्ड का इस्तेमाल कैसे करना है और नियम क्या हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
यह सुविधा अभी सिर्फ दिल्ली में रहने वाली महिलाओं के लिए ही है। आवेदन करने वालों को रजिस्ट्रेशन के समय दिल्ली का आधार कार्ड और आधार से जुड़ा हुआ एक एक्टिव मोबाइल नंबर देना होगा। 12 साल या उससे अधिक उम्र की कोई भी महिला इस कार्ड के लिए आवेदन कर सकती है।
पिंक टिकटों का गलत इस्तेमाल रोकने में मदद मिलेगी
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट-कार्ड सिस्टम पर आने से पिंक टिकटों का गलत इस्तेमाल रोकने में मदद मिलेगी। यात्रियों के डेटा को इकट्ठा करना आसान होगा और सब्सिडी देने में अधिक पारदर्शिता आएगी। इस सिस्टम से अधिकारियों को महिलाओं के बीच यात्रा के पैटर्न पर भी रियल-टाइम नजर रखने में मदद मिलेगी।
बजट और भविष्य की योजना
दिल्ली सरकार ने साल 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 450 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। डीटीसी एक सर्वे भी कराएगी ताकि यह समझा जा सके कि महिलाएं कार्ड के बजाय पुराने टिकट को क्यों प्राथमिकता दे रही हैं और कार्ड वितरण में क्या समस्याएं आ रही हैं। अभी दिल्ली सरकार लगभग 5,500 बसें चलाती है, जिनमें रोजाना यात्रा करने वालों में महिलाओं की संख्या काफी ज्यादा होती है।
कैसे काम करेगा 'पिंक सहेली कार्ड'?
टैप करना अनिवार्य: महिलाओं को बस में चढ़ते समय अपने पिंक सहेली कार्ड को टिकट मशीन पर टैप करना होगा, जिससे उनकी यात्रा रजिस्टर हो सके।
रजिस्ट्रेशन: अब तक लगभग 6 लाख महिलाएं यह कार्ड बनवा चुकी हैं। इसे दिल्ली के 58 केंद्रों से प्राप्त किया जा सकता है।
योग्यता: 12 वर्ष और उससे अधिक आयु की कोई भी महिला, जो दिल्ली की निवासी है, इस कार्ड के लिए आवेदन कर सकती है।




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