People of the Northeast are Indians, not Chinese Congress MP said on Angel Chakma murder case 'नॉर्थईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं'... एंजेल चकमा हत्याकांड पर बोले कांग्रेस MP, Ncr Hindi News - Hindustan
More

'नॉर्थईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं'... एंजेल चकमा हत्याकांड पर बोले कांग्रेस MP

गोगोई ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि 'नॉर्थईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 9 दिसंबर को देहरादून में बाजार से लौटते वक्त त्रिपुरा के एक युवा को भी ऐसे शब्द कहने पड़े।'

Mon, 29 Dec 2025 09:10 PMMohit लाइव हिन्दुस्तान
share
'नॉर्थईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं'... एंजेल चकमा हत्याकांड पर बोले कांग्रेस MP

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सोमवार को त्रिपुरा के 24 वर्षीय एंजेल चकमा के राजधानी देहरादून में मर्डर की कड़े शब्दों में निंदा की है। इसके साथ ही उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के लोगों पर भेदभाव पर भी दुख जताया। गोगोई ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा 'एंजेल चकमा चाहते तो गालियों को सुनकर वहां से जा सकते थे और शायद आज भी जिंदा होते। लेकिन उस दिन उनका सब्र का बांध टूट गया और माफी मांगने के बजाय उन्होंने ताना मारने वालों का सामना किया। ऐसे में पांच लोगों ने पीछे से उन पर हमला कर दिया। उन्होंने 14 दिनों तक संघर्ष किया लेकिन अंत में चोटों के चलते उनकी मृत्यु हो गई।'

गोगोई ने आगे कहा 'एक दिन जब एंजेल चकमा अपने भाई के साथ बाजार से वापस आ रहे थे, तभी हमेशा की तरह कुछ लोगों ने उसको छेड़ा और उसे चाइनीज कहा। उस दिन एंजेल ने हमलावरों को जवाब देते हुए कहा था कि ‘मैं भारतीय हूं, मैं चीनी नहीं हूं। मैं भारतीय होने का क्या प्रमाण दूं?’

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:एंजेल चकमा मौत मामले में नया मोड़, पुलिस बोली- नस्लीय भेदभाव का मामला ही नहीं
ये भी पढ़ें:उत्तराखंड में एंजेल की हत्या के लिए कांग्रेस सांसद ने RSS को बता दिया जिम्मेदार
ये भी पढ़ें:एंजेल चकमा की हत्या व्यवस्था पर कलंक, केजरीवाल ने नस्लवाद पर बड़ी मांग कर दी

कांग्रेस सांसद ने कहा ‘नॉर्थ ईस्ट के लोग शिक्षा के लिए देश के अलग-अलग कोने में जाते हैं और एंजेल चकमा भी पढ़ाई के लिए उत्तराखंड गए थे। एंजेल को शिक्षा तो मिली, लेकिन जान भी गंवानी पड़ी। एंजेल चकमा के साथ हुई हिंसा में कुछ ऐसी जानकारियां आई हैं, जो बेहद चिंताजनक है। एंजेल के परिवार के सदस्यों ने कहा है कि स्थानीय पुलिस को एफआईआर रजिस्टर कर, जितनी तत्परता दिखानी चाहिए थी, वो दिखाई नहीं गई। एफआईआर दर्ज करने में लगभग 12 दिन लग गए। जब छात्रों ने प्रदर्शन किया, तब जाकर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें 4 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन मुख्य आरोपी भाग गया।’

गोगोई ने आगे कहा 'एक दिन जब एंजेल चकमा अपने भाई के साथ बाजार से वापस आ रहे थे, तभी हमेशा की तरह कुछ लोगों ने उसको छेड़ा और उसे चाइनीज कहा।

गोगोई ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ‘नॉर्थईस्ट के लोग भारतीय हैं, चीनी नहीं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 9 दिसंबर को देहरादून में बाजार से लौटते वक्त त्रिपुरा के एक युवा को भी ऐसे शब्द कहने पड़े।’

आपको बता दें कि कथित तौर पर ऐसा कहा जा रहा है कि हमलावरों ने एंजेल पर नस्लीय टिप्पणी की थी। आपको बता दें कि एंजेल देहरादून के एक प्राइवेट कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहे थे। सोमवार सुबह ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एंजेल के पिता तरुण चकमा से फोन पर बात की और आश्वसन दिया कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।