एंजेल चकमा की हत्या व्यवस्था पर कलंक, केजरीवाल ने नस्लवाद के खिलाफ बड़ी मांग कर दी
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देहरादून में त्रिपुरा के एक एमबीए छात्र एंजेल चकमा की हत्या को चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला बताया। केजरीवाल ने इसे व्यवस्था पर कलंक बताते हुए नस्लवाद के खिलाफ बड़ी मांग कर दी।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देहरादून में त्रिपुरा के एक एमबीए छात्र एंजेल चकमा की हत्या को चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला बताया। केजरीवाल ने इसे व्यवस्था पर कलंक बताते हुए नस्लवाद के खिलाफ बड़ी मांग कर दी।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर किए गए एक पोस्ट में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला। त्रिपुरा के एक युवा एमबीए छात्र की देहरादून में उसकी पहचान के कारण चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि व्यवस्था पर कलंक है। देश को नस्लवाद और घृणा अपराधों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और राष्ट्रीय कानून की जरूरत है। ऐसे मामलों में न्याय त्वरित और अनुकरणीय होना चाहिए।
फरार आरोपी पर 25000 रुपए का इनाम घोषित
बता दें कि 9 दिसंबर को देहरादून में एमबीए छात्र एंजेल चकमा पर बदमाशों के एक समूह ने चाकू और अन्य वस्तुओं से हमला कर दिया था। बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के संबंध में पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं और उन्हें किशोर सुधार गृह भेज दिया गया है। पुलिस फरार आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। फरार आरोपी पर 25000 रुपए का इनाम घोषित किया गया है। उत्तराखंड मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, फरार आरोपी की तलाश में एक पुलिस टीम को नेपाल भी भेजा गया है।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा
सोमवार सुबह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। धामी ने एंजेल के पिता तरुण प्रसाद चकमा से बात की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया।
उन्होंने कहा कि यह एक दुखद घटना है। हम सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। धामी ने समर्थन का आश्वासन देते हुए कहा कि हम इस मुश्किल घड़ी में आपके साथ हैं। हम हर संभव मदद करेंगे।
घटना सभी के लिए बेहद चिंताजनक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने तरुण चकमा से कहा कि उत्तराखंड में पहले कभी ऐसा माहौल नहीं रहा। यहां देश-विदेश से छात्र पढ़ने आते हैं। इसलिए यह घटना सभी के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आगे बताया कि घटना के बाद उन्होंने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की।




साइन इन