दिल्ली में पलूशन बढ़ने पर पार्किंग के लिए ज्यादा ढीली करनी होगी जेब; लगेगा डबल चार्ज
दिल्ली सरकार ने बढ़ते पलूशन के कारण ग्रैप-3 और ग्रैप-4 की पाबंदियों के दौरान पार्किंग शुल्क को दोगुना करने का फैसला लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है।

दिल्ली वालों को पलूशन बढ़ने पर अब पार्किंग के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। दिल्ली सरकार ने गंभीर पलूशन के कारण ग्रैप-3 और ग्रैप-4 की पाबंदियों के दौरान पार्किंग शुल्क को दोगुना करने का फैसला लिया है। इस कदम का मकसद निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना है। यह आदेश नगर निगमों और सभी अधिकृत पार्किंग एजेंसियों पर लागू होगा। मेट्रो पार्किंग को इस बढ़ोतरी से छूट दी गई है।
ग्रैप-3 और ग्रैप-4 पर ज्यादा ढीली करनी होगी जेब
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने बुधवार को फैसला लिया कि पलूशन के कारण हवा की गुणवत्ता गंभीर होने पर जब ग्रैप-3 और ग्रैप-4 लागू कर दिया जाएगा तो वाहन चालकों को सभी अधिकृत पार्किंग साइटों पर मौजूदा पार्किंग चार्ज का दोगुना शुल्क देना पड़ेगा। जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह फैसला प्राइवेट गाड़ियों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए किया गया है।
राजधानी में 82.4 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड
दिल्ली में लगभग 82.4 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं। राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 677 पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध हैं जिनकी स्वीकृत पार्किंग क्षमता लगभग 1,06,037 गाड़ियों की है। इसमें DMRC के 91 पार्किंग क्षेत्र के वाहन शामिल नहीं हैं। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, उक्त आदेश दिल्ली मेट्रो यानी DMRC के पार्किंग स्थलों पर लागू नहीं होगा यानी दिल्ली मेट्रो की पार्किंग साइटों पर चार्ज में कोई बदलाव नहीं होगा।
एनजीटी के आदेश के बाद लिया फैसला
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि IIT कानपुर की एक स्टडी के अनुसार, गाड़ियां सर्दियों में PM10 पलूशन में लगभग 19.7 प्रतिशत और PM2.5 पलूशन में 25.1 प्रतिशत का योगदान करती हैं। यह कदम एनजीटी के आदेश के बाद उठाया गया है जिसने निर्देश दिया था कि सरकार दोपहिया, कारों और भारी वाहनों समेत प्राइवेट गाड़ियों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास करे।
वाहनों से होने वाला उत्सर्जन अधिक जिम्मेदार
इस बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक के बिगड़ने के लिए वाहनों से होने वाला प्रदूषण सबसे अधिक जिम्मेदार है। आयोग ने एक्यूआई में सुधार के लिए 15 दीर्घकालिक उपायों की सिफारिश भी की है। इसमें प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को दिल्ली-एनसीआर से सिलसिलेवार तरीके से हटाने को कहा गया है।




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