कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर बंटा विपक्ष, कांग्रेस का रुख ठंडा; क्या कहा?
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर विपक्ष दो फाड़ नजर आ रहा है। आम आदमी पार्टी, सपा, शिवसेना और टीएमसी जैसी पार्टियों ने आंदोलन का समर्थन किया है जबकि कांग्रेस ने सीजेपी को आम आदमी पार्टी की उपज बताया है।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर किए गए प्रदर्शन के मसले पर विपक्ष दो खेमों में बंटा नजर आ रहा है। कांग्रेस ने सीजेपी को लेकर संदेह वाला और ठंडा रुख अपनाया है तो बाकी विपक्षी दलों ने प्रदर्शन का समर्थन किया है। कांग्रेस के एक वर्ग ने सीजेपी के प्रदर्शन को दिखावटी बताया। यही नहीं कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी को आम आदमी पार्टी (आप) की उपज करार दिया।
कांग्रेस का आधिकारिक रुख इस बात पर अधिक केंद्रित रहा कि उसके युवा और छात्र संगठनों ने प्रश्न पत्र लीक और जर्जर डिजिटल बुनियादी ढांचे से प्रभावित छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ाई में भूमिका निभाई है। वहीं आम आदमी पार्टी के साथ विपक्ष के बाकी दलों ने सीजेपी के अभियान का समर्थन किया। कुल मिलाकर सीजेपी के पहले आंदोलन ने विपक्षी खेमे की दरारों को उजागर कर दिया। ये दरारें इंडिया गठबंधन की 8 जून को दिल्ली में बैठक से पहले दिखीं।
यह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद डीएमके के गठबंधन से बाहर होने और राज्य में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के साथ कांग्रेस के गठबंधन के फैसले के बाद 'इंडिया' की पहली बैठक होगी। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को शनिवार को AAP के अलावा सपा, TMC, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और वाम दलों सहित अन्य विपक्षी दलों का समर्थन मिला।
पीटीआई के मुताबिक, हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका जाने से पहले अभिजीत दीपके आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया इकाई की मुख्य टीम के अहम सदस्य थे। उन्होंने 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी के सोशल मीडिया अभियान को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई थी। उस चुनाव में AAP ने भाजपा को हराकर भारी जीत दर्ज की थी।
नौजवानों ने किया इंकलाब- अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सीजेपी के नेतृत्व वाले प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि हुक्मरानों तक पहुंचे यह आवाज, सुनो दरवाजे पर खटखटा रहा है 'बदलाव', दरारें पड़ गईं किलों में, दरक रही बुनियाद, अब नौजवानों ने भी कर दिया है इंकलाब।
शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करें पीएम मोदी- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा- कॉकरोच आंदोलन युवाओं में मौजूद भारी आक्रोश और निराशा की अभिव्यक्ति है। मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को उनके मुद्दों का समाधान करना चाहिए। आम आदमी पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों का समर्थन करती है। पीएम मोदी को शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।
क्या बोले उद्धव ठाकरे
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बयान में सीजेपी प्रदर्शनकारियों को देश के भाग्य-विधाता करार दिया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक होने के कारण लाखों को नुकसान हुआ। ये सभी पीड़ित अब 'कॉकरोच' बनकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। सरकार को उनकी मांगें सुननी होंगी। उन्हें 'कॉकरोच' कहकर न्याय से वंचित करना सही नहीं है। कॉकरोच को कमतर मत आंकिए- जंतर-मंतर के आंदोलन ने यही चेतावनी दी है।
एटमी हमले से भी बज जाते हैं कॉकरोच- महुआ मोइत्रा
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि कॉकरोच तो परमाणु विनाश के बाद भी बच जाते हैं। उन्हें हल्के में मत लीजिए।
क्या बोली सुप्रिया श्रीनेत?
इस बीच कांग्रेस ने अलग सुर अपनाया। पार्टी के एक बड़े धड़े को आशंका है कि सीजेपी की डोर 'आप' के हाथ में है। कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों की अध्यक्ष सुप्रिया श्रीनेत ने 'एक्स' पर पेपर लीक और सीबीएसई विवाद को लेकर विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पानी की बौछारों का सामना किया, उन्हें बेरहमी से पीटा गया। फिर भी, क्या आपने यह सब 'प्राइम टाइम' खबरों में देखा? क्या आपने इन युवाओं का साहस और संकल्प देखा?
कांग्रेस के श्रीवत्स ने प्रदर्शन को दिखावटी बताया
वहीं राहुल गांधी की मुख्य टीम के सदस्य श्रीवत्स ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को दिखावटी करार दिया। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा कि केजरीवाल ने आज फिर साबित कर दिया कि वह लोगों की तुलना में पत्रकारों और यूट्यूबरों को जुटाने में ज्यादा अच्छे हैं। जंतर-मंतर पर इस नाकाम प्रदर्शन में 'प्रदर्शनकारियों' से दोगुने मीडियाकर्मी मौजूद हैं।
गुमराह नहीं होगा युवा- भाजपा
वहीं भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन ने रांची में एक बैठक को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विदेश में बैठे कुछ लोग सोचते हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा देंगे। भारत का युवा गांव के चौक पर किसान के साथ रहता है, कोचिंग संस्थानों में रहता है, कॉलेज परिसरों में रहता है। भारत का युवा दिल्ली में बैठे कुछ लोगों की मुट्ठी में कठपुतली बनकर आगे नहीं बढ़ने वाला है।




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