पहले 5 बजे तक का दिया टाइम, फिर अब कर दिया सात दिन; कॉकरोच जनता पार्टी की क्या रणनीति
कॉकरोच जनता पार्टी ने आज जंतर मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। शुरुआत में उन्होंने शाम पांच बजे तक प्रधान के इस्तीफे की मांग की लेकिन फिर शाम होते-होते उन्होंने सात दिन का अल्टीमेटम दे दिया।

Cockroach Janta Party: भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के एक बयान से शुरू हुआ सोशल मीडिया अभियान आज जमीन पर दिखाई दिया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजित दिपके आज सुबह अमेरिका से भारत आए और जंतर-मंतर पर जाकर अपना प्रदर्शन शुरू किया। दिपके और उनके साथियों की अभी केवल एक मांग है कि नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। दो बजे के आसपास सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की मौजूदगी में दिपके ने शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देने के लिए शाम पांच बजे का वक्त दिया, लेकिन जैसे ही शाम पांच बजे तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, सीजेपी ने इस टाइमलाइन को बढ़ाकर सात दिन कर दिया। अब पार्टी की तरफ से कहा गया है कि अगर सात दिन के भीतर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह पूरे देश में आंदोलन करेंगे।
जारी प्रेस रिलीज में पार्टी ने लिखा, "यह विरोध प्रदर्शन जनता की भारी निराशा का परिणाम था। आज के प्रदर्शन से पहले भी करीब 8 लाख लोगों ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए याचिका पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन इसके बाद भी सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। आज भी जंतर मंतर पर लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे। हजारों-हजारों युवा शांतिपूर्वक एकत्रित हुए, जो जनता की चिंता की व्यापकता और छात्रों और युवाओं के अपने अधिकारों के लिए लड़ने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।"
सात दिन में इस्तीफा दें धर्मेंद्र प्रधान: CJP
कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग एक बार फिर से की गई है। पार्टी का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा देने के लिए सात दिनों का समय दे रहे हैं। या तो धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें बर्खास्त कर दें। यदि सात दिनों के भीतर ऐसा नहीं हुआ, तो यह आंदोलन पूरे देश में फेल जाएगा।
पहले 5 बजे तक फिर सात दिनों का अल्टीमेटम क्यों?
अमेरिका से लौटकर आए कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को 22 मिलियन सोशल मीडिया फॉलोअर्स के आधार पर एक बड़ी भीड़ जुटने की उम्मीद थी। भाजपा समर्थित लोगों की मानें, तो कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन की परमीशन न लेकर पहले ही स्थिति को खराब करने की कोशिश की थी। लेकिन दिल्ली पुलिस ने आज ही सुबह 10 से शाम 5 बजे की परमीशन देकर उनका खेल खराब कर दिया।
जंतर-मंतर पहुंचे अभिजीत दिपके को शुरुआत में लोगों का समर्थन उस तरह से नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक वहां पर प्रदर्शनकारियों से ज्यादा मीडिया वाले नजर आ रहे थे। हालांकि, जैसे-जैसे समय बीतता गया लोगों की भीड़ जुटती गई। वामपंथी पार्टियों के छात्र संगठन और कार्यकर्ता कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में आकर जुड़ने लगे। लद्दाख में प्रदर्शन चला चुके सोनम वांगचुक भी अपने साथ कई लोगों को लेकर आए। इसकी वजह से कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन सफल रहा। हालांकि, इसके बाद भी जितनी भीड़ की उम्मीद पार्टी ने की थी। उतनी वहां पर नहीं जुट पाई।
फिलहाल पार्टी की तरफ से धर्मेंद्र प्रधान को सात दिनों का समय दिया गया है। विशेषज्ञों की मानें, तो इस समय में पार्टी आगे की रणनीति पर काम कर सकती है। दिल्ली के बाहर किस तरीके से इस प्रदर्शन को बढ़ाना है और कैसे सोशल मीडिया से जमीनी हकीकत में इसको उतारना है। इस पर बड़ी मेहनत करनी होगी। हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि देश की विपक्षी पार्टियां उसे समर्थन देती हैं या फिर नहीं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से अभी तक कोई बड़ी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दूसरी तरफ आप और शिवसेना ने समर्थन तो दिया है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके कार्यकर्ता नजर नहीं आए हैं।




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