Oil fryer delay in PCR call several such lapses occurred during Delhi hotel fire incident ऑयल फ्रायर, बिना बताए जाना, PCR कॉल में देरी; दिल्ली होटल अग्निकांड में हुईं ऐसी कई लापरवाही, Ncr Hindi News - Hindustan
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ऑयल फ्रायर, बिना बताए जाना, PCR कॉल में देरी; दिल्ली होटल अग्निकांड में हुईं ऐसी कई लापरवाही

दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में लगी भयानक आग की घटना की कड़ियां जब जांचकर्ता जोड़ रहे हैं। जांच में कई संभावित कारण सामने आए हैं जिनमें बिना देख-रेख के छोड़ा गया ऑयल फ्रायर और स्टाफ का बिना बताए भाग जाना शामिल है।

Tue, 9 June 2026 02:03 PMPraveen Sharma नई दिल्ली, भाषा
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ऑयल फ्रायर, बिना बताए जाना, PCR कॉल में देरी; दिल्ली होटल अग्निकांड में हुईं ऐसी कई लापरवाही

दिल्ली में मालवीय नगर होटल अग्निकांड की जांच के दौरान कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। इनमें तेल से भरा फ्रायर जलता हुआ छोड़ देना और आग फैलने के बावजूद रसोइये का बिना किसी को बताए वहां से चले जाना शामिल है। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये लापरवाहियां ही बड़े अग्निकांड की वजह बनीं, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई और अनेक लोग घायल हैं।

घटना की सूचना देने में आधे घंटे की हुई देरी

जांच में यह भी पता चला है कि आग लगने के बाद अधिकारियों को सूचना दिए जाने में करीब 30 मिनट की देरी हुई, जिससे आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका और वह तेजी से फैलती चली गई।

अधिकारियों के अनुसार, किचन में हुई एक जरा सी लापरवाही समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण भीषण त्रासदी में बदल गई। पुलिस के अनुसार, 3 जून को मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित 'फ्लोरिश स्टेस बीएंडबी' में आग तब लगी, जब रसोइये ने अपने लिए चाय बनाते समय गलती से तेल के फ्रायर को चालू छोड़ दिया था। जैसे ही फ्रायर में मौजूद तेल का टेम्प्रेचर बहुत हाई हुआ, उसमें अचानक आग लग गई और आग ने तेजी से फैलते हुए पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। होटल के भीतर रखे कार्टन जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियों के चलते आग और तेजी से भड़की।

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होटल की क्षतिग्रस्त इमारत की होगी 'थ्रीडी मैपिंग'

पुलिस इस बात की वैज्ञानिक जांच के लिए आईआईटी-दिल्ली से तकनीकी सहायता लेने की भी तैयारी कर रही है कि इमारत में आग इतनी तेजी से कैसे फैली। अधिकारियों ने बताया कि संस्थान से बिल्डिंग का स्ट्रक्चरल और आग फैलने संबंधी स्टडी करने के लिए कहा जा सकता है, जिसमें होटल की क्षतिग्रस्त इमारत की 'थ्रीडी मैपिंग' भी शामिल है, ताकि घटनाओं के क्रम को फिर से समझने और उन कारकों की पहचान करने में मदद मिल सके, जिनकी वजह से लोग अंदर ही फंस गए।

घटना के वक्त स्टाफ के तीन लोग थे अंदर मौजूद

जांचकर्ताओं के मुताबिक, पिछले बुधवार को जब आग लगी, उस समय इमारत में स्टाफ के तीन सदस्य मौजूद थे, जिनमें रसोइया केशव नेगी, सबसे ऊपर की मंजिल पर सो रहा एक हेल्पर और प्रबंधक रूपेश उर्फ राकेश।

ऑयल फ्रायर चालू छोड़कर चाय पीने लगा रसोइया

पूछताछ के दौरान नेगी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने तेल से भरा फ्रायर चालू किया और फिर अपने लिए चाय बनाने लगा। चाय पीते समय वह भूल गया कि फ्रायर अब भी चल रहा है। अत्यधिक गर्म होने के बाद इसमें से आग की लपटें उठने लगीं, जो छत तक फैल गईं और फिर उसने पास में रखे सामानों को अपनी चपेट में ले लिया।

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आग बेकाबू होने पर भागा

पुलिस ने बताया कि नेगी ने शुरुआत में आग बुझाने का प्रयास किया था, लेकिन जब आग काबू से बाहर हो गई, तो वह वहां से भाग गया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि पर्याप्त समय होने के बावजूद वह होटल में ठहरे मेहमानों को चेतावनी देने, पड़ोसियों को सूचित करने या इमरजेंसी सेवाओं को बुलाने में नाकाम रहा।

आग लगने के आधे घंटे बाद पुलिस को की गई कॉल

एक सूत्र ने बताया, "आग के शुरुआती संकेतों और पुलिस को की गई पहली कॉल के बीच लगभग आधे घंटे का अंतर था। इस अवधि की बारीकी से जांच की जा रही है क्योंकि समय पर लोगों बाहर निकालने और अधिकारियों को सतर्क करने से घटना में हुए इतने नुकसान को कम किया जा सकता था।"

हेल्पर छत से कूदकर बच निकला

होटल की छत पर सो रहा हेल्पर छत से कूदकर बच निकला, जबकि मैनेजर रूपेश कथित तौर पर ग्राउंड फ्लोर पर बने रिसेप्शन क्षेत्र से भाग गया। पुलिस अब भी उसकी तलाश कर रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि कर्मचारियों द्वारा तुरंत सूचित नहीं करने के कारण मृतकों की संख्या इतनी अधिक हुई है। शनिवार को इलाज के दौरान एक और नाइजीरियाई नागरिक के दम तोड़ने के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। मृतक की पहचान ओकाले के रूप में हुई है, जो गंभीर रूप से झुलस गया था और सफदरजंग अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।

होटल में नहीं था इलेक्ट्रॉनिक गेट सिस्टम

पुलिस ने पुष्टि की है कि लवकेश बजाज आग लगने के बाद मौके पर पहुंचा था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि होटल में कोई इलेक्ट्रॉनिक गेट सिस्टम नहीं था, जबकि ऐसे दावे किए जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि लवकेश बजाज के हौज रानी इलाके में तीन होटल हैं, जिनमें से एक का संचालन वह एक कारोबारी पार्टनर के साथ मिलकर करता है।

आग से सीसीटीवी कैमरे और फुटेज सब नष्ट

आग के कारण इमारत के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों और उनकी फुटेज के नष्ट हो जाने से जांच जटिल हो गई है।

मिश्रा पर पहले भी दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के अनुसार, मिश्रा के खिलाफ इससे पहले साल 2024 में होटल में सुरक्षा व्यवस्था न होने के संबंध में बीएनएस की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि होटल से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उसी के नाम पर थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मिश्रा पिछले लगभग एक दशक से लवकेश बजाज को जानता है और वित्तीय व अकाउंटिंग के मामलों को संभालने के साथ-साथ बजाज के कई व्यावसायिक उद्यमों के लिए 'फ्रंटमैन' के रूप में काम करता था।

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मिश्रा देखता था होटल का कामकाज

पूछताछ के दौरान लवकेश बजाज ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि उसने होटल का दैनिक संचालन मिश्रा को सौंप रखा था। अधिकारी अब होटल के कामकाज और कथित सुरक्षा लापरवाहियों के लिए जिम्मेदारी तय करने के लिए दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और मालिकाना हक के कागजातों की जांच कर रहे हैं।

प्रारंभिक निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि इमारत भी घटना में हुई इतनी जनहानि के लिए जिम्मेदार हो सकती है। आरोप है कि इस इमारत का निर्माण आवश्यक मंजूरियों के बिना किया गया था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि सीढ़ियों, छतों और फर्शों में लकड़ी और प्लास्टिक की सजावटी सामग्रियों के व्यापक उपयोग ने आग की लपटों को और तेजी से फैलाया।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इमारत का एकमात्र एंट्री-एग्जिट गेट घने धुएं और अत्यधिक गर्मी से भर जाने के कारण मौत का कुआं तो नहीं बन गया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर फंसे मेहमानों का बाहर निकलना असंभव हो गया।

आईआईटी-दिल्ली से कराई जाएगी स्टडी

आईआईटी-दिल्ली के प्रस्तावित अध्ययन में जलने के पैटर्न, क्षतिग्रस्त सीढ़ियों, बिजली के तार, एलपीजी सिलेंडर, गैस पाइपलाइनों और ढह गए स्ट्रक्चरल हिस्सों का विश्लेषण किए जाने की उम्मीद है, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि आग इमारत में कैसे फैली और क्या आर्किटेक्चर की कमियों ने इस आपदा को और गंभीर बना दिया।

इस बीच, मामले की जांच तेज होने के साथ ही होटल मालिक लवकेश बजाज के करीबी सहयोगी और अकाउंटेंट जय मिश्रा (34) ने सोमवार को दिल्ली की एक कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

जांचकर्ताओं का मानना है कि जय मिश्रा इस होटल के दैनिक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। पुलिस होटल के संचालन, वित्त, लाइसेंसिंग और सुरक्षा नियमों के अनुपालन में उसकी संलिप्तता की जांच कर रही है।

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