गाजियाबाद में भी नोएडा जैसा हादसा, स्कूटी सवार व्यापारी की नाले में गिरकर मौत
गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र में पटेल नगर स्थित रॉयल ग्रीन होटल के सामने रविवार रात स्कूटी सवार व्यापारी की सड़क किनारे बने नाले में गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान 48 वर्षीय शंकर लाल गर्ग के रूप में हुई है, जो नगर कोतवाली क्षेत्र के पक्की मोरी डासना गेट के रहने वाले थे।

गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र में पटेल नगर स्थित रॉयल ग्रीन होटल के सामने रविवार रात स्कूटी सवार व्यापारी की सड़क किनारे बने नाले में गिरकर मौत हो गई। रात 12 बजे हेड लाइट जली स्कूटी सड़क किनारे पड़ी होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। व्यापारी को नाले से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि 22 फरवरी की रात 12 बजे पीआरवी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि एक अज्ञात व्यक्ति स्कूटी सहित सड़क किनारे गिरा पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि मोहन नगर की ओर से आते समय एक स्कूटी सड़क किनारे गिरी दिखाई दी, जिसकी लाइट जल रही थी। पास जाकर देखा तो एक व्यक्ति नाले में गिरा हुआ था। राहगीरों ने उसे बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया और डायल-112 पर सूचना दी।
स्कूटी नंबर से हुई मृतक की पहचान
एमएमजी अस्पताल में डॉक्टरों ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। स्कूटी के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान नगर कोतवाली क्षेत्र के पक्की मोरी डासना गेट निवासी 48 वर्षीय शंकर लाल गर्ग पुत्र स्व. जितेंद्र कुमार निवासी के रूप में हुई। मृतक की शिनाख्त उनके बड़े भाई योगेश गर्ग ने की।
एसीपी के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि शंकर लाल गर्ग रोजाना दुकान बंद करने के बाद कूड़ा फेंकने जाते थे और इसके बाद केसरी माता मंदिर में पूजा कर घर लौटते थे।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना का पता लगने के बाद पुलिस और गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसीपी नंदग्राम ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर किसी वाहन द्वारा स्कूटी को टक्कर मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई। स्कूटी की जांच में भी किसी टक्कर के स्पष्ट निशान नहीं मिले। प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि स्कूटी पर रखी प्लास्टिक की बाल्टी के कारण वाहन असंतुलित होकर नाले में गिर गया होगा, जिससे यह दुखद हादसा हुआ। फिलहाल शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
नोएडा में 16 जनवरी को गई थी युवराज मेहता की जान
उल्लेखनीय है कि 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार 16 जनवरी, 2026 को गुरुग्राम स्थित ऑफिस से लौटते वक्त नोएडा के सेक्टर 150 में एक कंस्ट्रक्शन साइट के पास पानी से भरे एक गड्ढे में गिर गई थी, जिससे पानी में डूबने से उसकी मृत्यु हो गई थी। युवराज मेहता की मौत के के बाद पुलिस ने इस संबंध में बिल्डर के खिलाफ लापरवाही के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी।




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