काम की बात: नोएडा में कर्मचारियों का उग्र प्रदर्शन, कई रास्ते बंद, पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी
वेतन बढ़ोतरी सहित कई मांगों को लेकर गौतम बुद्ध नगर के कई औद्योगिक क्षेत्र में बीते चार दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। उन्होंने कई जगहों पर जाम लगाया और तोड़फोड़ की।

वेतन बढ़ोतरी सहित कई मांगों को लेकर गौतम बुद्ध नगर के कई औद्योगिक क्षेत्र में बीते चार दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। उन्होंने कई जगहों पर जाम लगाया और तोड़फोड़ की। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर, नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र और ईकोटेक- प्रथम के औद्योगिक क्षेत्र में सुबह से ही मजदूरों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई जगहों पर श्रमिकों ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव किया और कुछ कारों में आग लगाए जाने और कारखानों में तोड़फोड़ की भी खबर है जिसके बाद पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। नोएडा के अलावा दिल्ली एनसीआर की बाकी जगहों फरीदाबाद और पलवल में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं।
स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक अधिकारियों ने यात्रियों को देरी की चेतावनी दी है। प्रमुख सड़कों पर प्रदर्शन के चलते भीड़भाड़ रह सकती है और कई रास्ते डायवर्ट भी किए जा सकते हैं। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वह पहले से ही अपना रूट प्लान कर लें। नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि सेक्टर–62 गोलचक्कर से NIB पुलिस चौकी की ओर जाने वाले मार्ग पर पहले कट पर डायवर्जन किया जाएगा। वहीं संदीप पेपर मिल मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जा रहा है। इसके अलावा परी चौक मार्ग पर और चिल्ला बॉर्डर की और जाने वाले यातायात को लगातार DND टॉल की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर (9971009001) भी जारी किया है।
घंटों जाम में फंसे लोग
सुबह-सुबह शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के कारण लगे भीषण यातायात जाम ने दिल्ली-नोएडा सीमा पर गाड़ियों की आवाजाही को लगभग ठप कर दिया। इस झड़प के चलते दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों, जिनमें एनएच 9 भी शामिल है, पर भारी भीड़भाड़ हो गई, जिससे ऑफिस जाने वालों को काफी परेशानी हुई। गाड़ियों की लंबी लाइन कई किलोमीटर तक फैली हुई थीं, जिससे कई लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की कुछ बातें यहां के उद्योगपतियों ने मान ली है और उनसे शांतिपूर्वक आंदोलन समाप्त करने की अपील की जा रही है।
मिश्र के अनुसार कर्मचारी अलग-अलग जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं और कोई इनका नेतृत्व नहीं कर रहा है, इस वजह से श्रमिकों तक प्रशासन को अपनी बात पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने और पुलिस प्रशासन ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और कानून व्यवस्था अपने हाथ में ना लें।
'मांग मानने के बावजूद प्रदर्शन कर रहे'
कर्मचारियों के आंदोलन के चलते कई जगह पुलिस को वाहनों का मार्ग बदलना पड़ा और सुबह के समय दफ्तर जाते हुए लोग देर तक जाम से जूझते नजर आए। एक औद्योगिक संगठन के पदाधिकारी ललित ठुकराल ने आरोप लगाया कि यह धरना प्रदर्शन प्रायोजित है और कुछ बाहरी तत्व श्रमिकों को भड़काकर यह धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। उनके अनुसार कर्मचारियों की ज्यादातर मांगे मान ली गई है, इसके बावजूद भी वह काम पर नहीं लौट रहे हैं।
जिलाधिकारी रूपम ने कहा कि उद्योगपतियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के नेताओं के साथ हुई बैठक में साफ किया गया कि शासन के दिशानिर्देश के अनुसार किसी भी कर्मचाकरी को अनावश्यक रूप से काम से नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने साफ किया कि कर्मचारियों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा और किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भाषा से इनपुट




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