नोएडा एयरपोर्ट की AI किलेबंदी, रनवे से पहले ही थम जाएंगे संदिग्ध वाहनों के पहिये; कैसे?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा अभेद्य होगी। नोएडा एयरपोर्ट पर 3D रडार युक्त सीसीटीवी और एंटी-हाइजैकिंग सिस्टम तैनात किए गए हैं जो दीवारों के पीछे छिपे खतरों को भी पहचान लेंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा 3डी रडार से लेकर एंटी हाई जैकिंग से मजबूत होगी। रनवे से पहले ही संदिग्ध वाहनों के पहिये थम जाएंगे। यहां दीवार के पीछे छिपी संदिग्ध वस्तु को तलाश कर निष्क्रिय कर दिया जाएगा। एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को क्राइम प्रिवेंशन थ्रू एनवायरनमेंटल डिजाइन (सीपीटीईडी) के सिद्धांतों के तहत डिजाइन किया गया है। यहां लगने वाले सीसीटीवी कैमरे एआई से लैस हैं। ये रियल टाइम ट्रैकिंग के साथ ही खतरे को पहचान कर स्वयं ही अलर्ट भेजने में सक्षम हैं।
एयरपोर्ट की परिधि में 350 से अधिक कैमरे एवं इलेक्ट्रिक फेसिंग लगाई गई है, ताकि किसी भी प्रकार की घुसपैठ को रोका जा सके। एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (एसओसी) बनकर तैयार हो चुका है, जो पूरी तरह से स्वचालित है।
ऐसे होगी संदिग्धों की पहचान
वहीं, 3डी रडार उच्च आवृत्ति की रेडियो तरंगें भेजता है जो दीवारों, दरवाजों या अन्य अवरोधों को पार कर जाती हैं। जब ये तरंगें किसी वस्तु, व्यक्ति, हथियार जैसी संदिग्ध वस्तुओं से टकराती हैं तो वे वापस लौटती हैं। सिस्टम उन रिटर्न सिग्नल्स को प्रोसेस करके थ्री-डायमेंशनल इमेज बनाता है, जिससे पता चलता है कि दीवार के पीछे व्यक्ति या छिपी हुई चीज है।
डिजिटल कनेक्टिविटी का केंद्र बनेगा
एयरपोर्ट परिसर में वीडियो सर्विलांस सिस्टम भी लगा है। यहां ड्यूल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क तैयार करने के लिए दो स्वतंत्र डाटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे डाटा कनेक्टिविटी निर्बाध और सुरक्षित रहेगी। पूरा एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर एकीकृत नेटवर्क से जुड़ेगा।
घुसपैठिये वाहन सेकंड में ध्वस्त होंगे
नोएडा एयरपोर्ट पर किसी भी अनधिकृत (घुसपैठिया) वाहन को मिलीसेकंड में ढेर बनाने के लिए क्रैश रेटेड बॉलार्ड सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है। इसे एयरपोर्ट के पूर्वी-पश्चिमी द्वार पर लगाया गया है। यह बॉलार्ड सिस्टम किसी भी वाहन को कुछ ही क्षण में रोकने और नष्ट करने की क्षमता रखता है। यह किसी भी संभावित खतरे को रनवे के एक किलोमीटर पहले ही निष्क्रिय कर देगा। बॉलार्ड सिस्टम के तहत सड़क पर जमीन के नीचे में उच्च ताकत के मोटे गोल खंभे फिट किए जाते हैं।
टर्न स्टाइल सिस्टम भी लगा
एयरपोर्ट की अभेद्य सुरक्षा के लिए परिसर में टर्न स्टाइल सिस्टम भी सक्रिय है, जो मानव प्रवेश को नियंत्रित करने के साथ और अधिक सख्त बनाएगा। यह एक स्वचलित एक्सेस गेट है। इससे सिर्फ अधिकृत व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। इसे स्मार्ट एंट्री गेट कहा जा सकता है, जो बायोमेट्रिक और कार्ड डाटा स्कैन किए बिना नहीं खुलता। यह एक्सेस पास और चेहरे की पहचान कर व्यक्ति का सत्यापन करता है। यदि कोई व्यक्ति वैध नहीं है तो गेट बिना खुले ही सुरक्षा टीम को अलर्ट जारी करेगा।




साइन इन