नोएडा में मौत के 65 ठिकाने! इंजीनियर की जान जाने के बाद सर्वे में बड़ा खुलासा
नोएडा में इंजीनियर की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण के सर्वे में 65 खतरनाक स्थान मिले हैं, जहां खुले गड्ढे और बेसमेंट हादसों को न्योता दे रहे हैं। प्राधिकरण ने बिल्डरों को 15 दिन में सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने का अल्टीमेटम दिया है।

नोएडा में सेक्टर-150 में जिस जगह इंजीनियर युवराज मेहता की गड्ढे में डूबकर मौत हुई, उससे मिलते-जुलते 65 और खतरनाक स्थान नोएडा प्राधिकरण के सर्वेक्षण में मिले हैं। इनमें से 15 स्थान प्राधिकरण की जमीन पर हैं, जबकि बाकी बिल्डर की जमीन पर है।
गड्ढे- बेसमेंट खुदवाकर खुले छोड़े
बिल्डरों ने गहरे गड्ढे या बेसमेंट खुदवाकर उनको खुला छोड़ रखा है। इन जगह कभी भी हादसा हो सकता है। नोएडा प्राधिकरण अपने क्षेत्र के स्थानों पर एक सप्ताह में सुधार करवा देगा। बिल्डर को 15 दिन का समय दिया जाएगा। अगर बिल्डर काम नहीं कराता है तो प्राधिकरण अपने खर्च से काम कराएगा। इंजीनियर की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण ने सर्वेक्षण कराया था। सर्वेक्षण की रिपोर्ट मंगलवार को आई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण में जो स्थान सामने आए हैं, उनमें पानी या सूखे गड्ढे, बेसमेंट समेत अन्य तरह के खतरनाक स्थान शामिल हैं। इन जगह सड़क सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। अधिकारियों ने बताया कि 65 में से 15 स्थान बिल्डर साइट के हैं। इन जगह न तो बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा मानकों के तहत सड़क का डिजाइन भी नहीं है। संबंधित बिल्डरों को जल्द नोटिस जारी कर उनको जरूरी सुधार कार्य कराने के लिए कहा जाएगा।
सुधार कार्यों का खर्च बिल्डर से वसूला जाएगा
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बिल्डर के जरिए संबंधित काम नहीं कराने पर प्राधिकरण उनको कराएगा। इस खर्च राशि को प्राधिकरण बिल्डर के बकाये में जोड़ वसूली करेगा। अगर बिल्डर इसके खिलाफ न्यायालय जाएगा तो वहां पर पूरे तथ्य रखकर बताया जाएगा कि इन्हीं तरह के मामलों में सेक्टर-150 में बिल्डर की लापरवाही से इंजीनियर युवराज मेहता की जान गई थी।
नोएडा के सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि शहर में कराए गए सर्वेक्षण में 65 स्थान खतरनाक मिले हैं। इन जगह एक सप्ताह में सुरक्षा से जुड़े जरूरी काम कराए जाएंगे। बिल्डरों से उनकी साइट पर काम कराए जाएंगे। अगर बिल्डर ऐसा नहीं कराता तो प्राधिकरण खुद काम कराएगा। इस खर्च की वसूली बिल्डर से की जाएगी।
तीनों बिल्डरों को कोर्ट से राहत नहीं
ग्रेटर नोएडा। इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में गिरफ्तार एमजेड विजटाउन के बिल्डर अभय कुमार और लोटस ग्रीन के बिल्डर रवि बंसल और सचिन करनवाल को मंगलवार को कोर्ट से राहत नहीं मिली। अगली सुनवाई तक तीनों की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई है। अभी इन्हें जेल में ही रहना पड़ेगा।
सेक्टर-150 में पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 16 जनवरी की रात इंजीनियर की मौत हो गई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर तीनों बिल्डर को गिरफ्तार किया था। अदालत अभय की जमानत याचिका पर दो फरवरी, रवि और सचिन की याचिका पर 29 जनवरी को सुनवाई करेगी।




साइन इन