No Floods Even If the Yamuna Water Level cross the danger limit What Are the Delhi Government Preparations यमुना का जलस्तर बढ़ने पर भी नहीं घुसेगा पानी, बाढ़ से बचने को दिल्ली सरकार की क्या तैयारी, Ncr Hindi News - Hindustan
More

यमुना का जलस्तर बढ़ने पर भी नहीं घुसेगा पानी, बाढ़ से बचने को दिल्ली सरकार की क्या तैयारी

यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने के बाद भी दिल्ली में बाढ़ का पानी नहीं घुस पाएगा। दिल्ली सरकार ने मानसून में यमुना की बाढ़ से सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाते हुए मोटी दीवार बनाने का निर्णय लिया है। अगले वर्ष मानसून आने से पहले यह दीवार बनाने की परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। 

Wed, 15 April 2026 05:20 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
यमुना का जलस्तर बढ़ने पर भी नहीं घुसेगा पानी, बाढ़ से बचने को दिल्ली सरकार की क्या तैयारी

यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाने के बाद भी दिल्ली में बाढ़ का पानी नहीं घुस पाएगा। दिल्ली सरकार ने मानसून में यमुना की बाढ़ से सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाते हुए मोटी दीवार बनाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत रिंग रोड के किनारे मजनू के टीला से ओल्ड रेलवे ब्रिज (ओआरबी) तक लगभग 4.72 किलोमीटर लंबी एक मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि अगले वर्ष मानसून आने से पहले यह दीवार बनाने की परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना पूरी होने पर बाढ़ की समस्या का समाधान होगा।

उन्होंने बताया कि बजट में इस योजना के प्रस्ताव को पारित किया गया है। यह दीवार रिहायशी इलाकों में यमुना का पानी घुसने से रोकेगी। इससे सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे इलाकों के लिए बाढ़ से बचाव के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच का काम करेगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली सरकार के हर दफ्तर में अब बायोमेट्रिक अटेंडेंस, अब नहीं चलेगी 'मनमर्जी'

संयुक्त बाढ़ समिति ने तैयारी की रिपोर्ट

वर्ष 1978 की भीषण बाढ़ के बाद वर्ष 2023 में बाढ़ का पानी रिंग रोड सहित कई हिस्सों में पहुंच गया था। पिछले वर्ष भी यमुना का जलस्तर खतरे के निशान (205.33 मीटर) को पार कर 207.48 मीटर तक पहुंच गया था। इस तरह भविष्य में भी बाढ़ की आंशका बनी हुई है।

इसके मद्देनजर पुणे स्थित केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र (सीडब्ल्यूपीआरएस) के विशेषज्ञों की ओर से किए गए एक अध्ययन के आधार पर अगस्त 2024 में संयुक्त बाढ़ समिति ने एक रिपोर्ट तैयार की। इसी रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा दीवार बनाने का फैसला लिया गया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:प्रदूषण से सख्ती से निपटेगी दिल्ली सरकार, CM ने लॉन्च किया ‘एक्शन प्लान-2026’

50 करोड़ की लागत आएगी

यह सुरक्षा दीवार करीब 50 करोड़ की लागत से बनेगी। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को यह सुरक्षा वाल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस दीवार का 850 मीटर हिस्सा सीमेंट कंक्रीट की मोटी दीवार होगी। शेष 3.879 किलोमीटर हिस्सा ईंट व पत्थर से बनाई जाएगी। जल्द ही इस परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया है कि इस सुरक्षा दीवार के निर्माण के बाद दिल्ली को हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से लोगों को स्थायी राहत मिलेगी और रिहायशी इलाकों में दोबारा पानी नहीं घुसने पाएगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली में बना रहे थे नकली हेयर रिमूवल क्रीम; गिरोह अरेस्ट, हजारों ट्यूब जब्त

इसलिए जरूरी है दीवार

● यह दीवार नदी और शहर के बीच एक मजबूत ढाल बनेगी, जिससे यमुना का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर नहीं आएगा।

● दीवार बनने से यमुना किनारे अवैध रूप से कचरा डाले जाने पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।