गाजियाबाद में पेयजल संकट दूर करने के लिए नए नलकूप लगेंगे; इन इलाकों में होगी सहूलियत
गाजियाबाद में पेयजल संकट की समस्या को दूर करने के लिए जलकल विभाग ने करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की है। इसके तहत नए-पुराने नलकूपों का रीबोर और जर्जर पाइप लाइन को बदलने का काम किया जाएगा। योजना के तहत 30 एचपी क्षमता के नए नलकूप भी लगाए जाएंगे।

गाजियाबाद में पेयजल संकट की समस्या को दूर करने के लिए जलकल विभाग ने करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की है। इसके तहत नए-पुराने नलकूपों का रीबोर और जर्जर पाइप लाइन को बदलने का काम किया जाएगा। योजना के तहत 30 एचपी क्षमता के नए नलकूप भी लगाए जाएंगे।
गाजियाबाद के विभिन्न इलाकों में जल संकट बना हुआ है। लोग दूषित पानी, कम दबाव और कम समय आपूर्ति की समस्या से परेशान हैं। इसी को देखते हुए जल कल विभाग ने सिटी, कविनगर, विजयनगर, वसुंधरा और मोहन नगर जोन को शामिल करते हुए सुधार कार्य करने के लिए रूपरेखा तैयार की है। योजना के तहत 30 एचपी क्षमता के नए नलकूप साईं एंक्लेव, लोहिया नगर, न्यू पंचवटी, राजनगर, न्यू शताब्दीपुरम, संजय नगर, ओम विहार, राजीव कॉलोनी, अर्थला और ज्ञानखंड-4 समेत कई इलाकों में लगाए जाएंगे।
इन कार्यों पर करीब सवा पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा जिन इलाकों में पुराने नलकूपों की क्षमता कम हो गई है, वहां 30 एचपी नलकूपों का रीबोर किया जाएगा। नेहरू नगर, आनंद विहार, कविनगर, शास्त्री नगर, वैशाली और साई उपवन समेत कई क्षेत्रों में यह कार्य प्रस्तावित है। इस पर लगभग 4.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे पानी का दबाव बढ़ेगा और आपूर्ति में सुधार आएगा। योजना का सबसे बड़ा लाभ दो से तीन मंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। अभी तक कम दबाव के कारण ऊपरी मंजिलों तक पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता था।
25 करोड़ रुपये की योजना
जल कल विभाग के महाप्रबंधक केपी आनंद ने कहा कि पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए करीब 25 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कई स्थानों पर कार्य धरातल पर शुरू करा दिया गया है।
पाइपलाइन बदलने से दिक्कत दूर होगी
योजना का सबसे अहम हिस्सा पाइपलाइन नेटवर्क में सुधार करना है। जल कल विभाग विभिन्न वार्डों में नई एचडीपीई पाइपलाइन बिछाने और पुरानी जर्जर लाइन को बदलने का काम करेगा। पटेल नगर, नंदग्राम, न्यू शताब्दीपुरम, आरके पुरम, मलिन बस्तियों, ब्रजविहार, वसुंधरा और वैशाली जैसे क्षेत्रों में पाइपलाइन डाली जाएगी। इसके साथ ही नए पेयजल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि जर्जर लाइन के कारण लीकेज, दूषित पानी और लो प्रेशर की समस्या बनी रहती है। नई पाइपलाइन से इन समस्याओं में काफी हद तक सुधार होगा और जलापूर्ति अधिक भरोसेमंद बनेगी। इन सभी कार्यों को पूरा करने में करीब 25 करोड़ रुपये का खर्च होगा।




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