गाजियाबाद के ग्राम पंचायतों में कानूनी सहायता केंद्र बनेंगे, गांव में ही सुलझेंगे आपसी विवाद
गाजियाबाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें कानूनी सलाह या सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए शहर में दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए दस ग्राम पंचायतों में लीगल एड क्लीनिक (विधिक सहायता केंद्र) बनाए जाएंगे।

गाजियाबाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें कानूनी सलाह या सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए शहर में दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए दस ग्राम पंचायतों में लीगल एड क्लीनिक (विधिक सहायता केंद्र) बनाए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन को सुगम बनाने के लिए कई कार्य किए जा रहे है। इसी क्रम में अब जिले की 10 ग्राम पंचायतों में विधिक सहायता केंद्र खोले जाएंगे। केंद्रों पर कानून की जानकारी रखने वाले, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, एएनएम आदि की भी नियुक्ति की जाएगी। इससे ग्रामीणों को अपनी ही पंचायत में छोटे स्तर पर हुए लड़ाई - झगड़े या मतभेद होने पर कानूनी सलाह दी जा सकेगी।
इन पंचायतों में खुलेगा
साथ ही इन केंद्रों पर केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित की जाने वाली योजनाओं की भी जानकारी दी जा सकेगी। यह क्लिनिक राजपुर ब्लॉक की पांच पंचायत निगरावटी, आविदपुर मानकी,नूरपुर,निडोरी, मकरेडा, वहीं मोदीनगर की भी पांच पंचायत खिन्दौडा, सुराना, सैदपुर हुसैनपुर, जोया , शेरपुर में खोले जाएंगे। इन क्लीनिकों को स्थापित करने का उद्देश्य लोगों को उनके मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना भी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत से लोग घरेलू हिंसा, बाल विवाह और श्रम कानूनों के प्रति अनजान हैं।
योजनाओं की भी जानकारी मिलेगी
केंद्र में ग्रामीण विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे और उन योजनाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड की समस्या, आयुष्मान भारत योजना या किसान सम्मान निधि जैसे कार्यों के लिए इन केंद्रों पर तैनात स्वयंसेवक फॉर्म भरने में मदद करेंगे। यदि किसी ग्रामीण को विधिक सहायता की आवश्यकता है, तो उसे यहां से निशुल्क वह सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर मामले को सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
गांव में ही सुलझेंगे आपसी विवाद
अक्सर देखा जाता है कि मामूली पारिवारिक झगड़े या जमीन के छोटे विवाद जानकारी के अभाव में बड़ी कानूनी लड़ाई का रूप ले लेते हैं। लीगल एड क्लीनिकों का मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित मुकदमों के बोझ को कम करना है। यहां कानून के जानकारी ग्रामीणों के बीच मध्यस्थता कराएंगे। ग्राम स्तर पर ही समझौतों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आपसी भाईचारा बना रहे और लोगों का कीमती समय व संसाधन बच सके।




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