new medical college will be built in Dwarka Delhi offering 250 MBBS seats annually दिल्ली के द्वारका में मेडिकल कॉलेज बनेगा, हर साल MBBS की 250 सीटें; 2028 तक तैयार होगा, Ncr Hindi News - Hindustan
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दिल्ली के द्वारका में मेडिकल कॉलेज बनेगा, हर साल MBBS की 250 सीटें; 2028 तक तैयार होगा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को नई ऊंचाई देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम ने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल की स्थापना करने जा रही है।

Thu, 7 May 2026 02:06 PMSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली के द्वारका में मेडिकल कॉलेज बनेगा, हर साल MBBS की 250 सीटें; 2028 तक तैयार होगा

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को नई ऊंचाई देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल की स्थापना की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 805.99 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हाल ही में हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2028 तक रखा गया है।

एनएमसी के मानकों के अनुरूप होगा

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस परियोजना के तहत मेडिकल कॉलेज के साथ छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल, फैकल्टी आवास और एक आधुनिक अकादमिक ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना दिल्ली में डॉक्टरों की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार लाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इससे यहां प्रति वर्ष 250 एमबीबीएस सीटों की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रारंभिक चरण में 150 छात्रों के साथ शिक्षण कार्य शुरू किया जाएगा।

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कई चरणों में पूरा किया जाएगा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस परियोजना को चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में अकादमिक ब्लॉक, छात्रों के हॉस्टल और शिक्षकों के लिए आवास बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले चरण में करीब 1,17,246 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण होगा। इसमें लगभग 34,000 वर्गमीटर का बेसमेंट बनाया जाएगा, जहां पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाएं होंगी।

अकादमिक ब्लॉक बहुमंजिला होगा, जिसमें क्लासरूम, लैब और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। हॉस्टलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी, जबकि फैकल्टी के लिए भी आधुनिक और सुविधाजनक आवास तैयार किए जाएंगे। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) करेगा, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग इसकी निगरानी करेगा।

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आधुनिक सुविधाएं लगाई जाएंगी

उन्होंने बताया कि इस परियोजना में आधुनिक और टिकाऊ निर्माण तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। बिल्डिंग को भूकंप से सुरक्षित बनाया जाएगा और इसे ऊर्जा बचाने वाले डिजाइन के साथ तैयार किया जाएगा। ग्रीन बिल्डिंग मानकों के तहत यहां सोलर पावर, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, वॉटर रिसाइकिल, पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और अच्छी हवा आने-जाने की व्यवस्था की जाएगी।

परिसर को पूरी तरह दिव्यांगजन के अनुकूल बनाया जाएगा, जहां रैंप, लिफ्ट, ब्रेल संकेत और व्हीलचेयर के लिए आसान रास्ते उपलब्ध होंगे। साथ ही, सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी, फायर अलार्म और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी लगाई जाएंगी।

क्वॉलिटी एश्योरेंस की व्यवस्था की जाएगी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाए। इसके लिए क्वॉलिटी एश्योरेंस की व्यवस्था की जाएगी और कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में लागत वृद्धि और अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही, सभी प्रक्रियाएं निर्धारित वित्तीय और प्रशासनिक नियमों के तहत पारदर्शी ढंग से पूरी की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद, स्टाफ की नियुक्ति, विश्वविद्यालय से संबद्धता और अन्य व्यवस्थाएं एनएमसी के मानकों के अनुरूप आगामी चरण में पूरी की जाएंगी।

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मुख्यमंत्री ने दूरदर्शी पहल बताया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना केवल एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण नहीं है, बल्कि दिल्ली के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी के हर नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलें और इसके लिए डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से न केवल दिल्ली बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और यह संस्थान भविष्य के कुशल डॉक्टर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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